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आसान नहीं थी राह लेकिन हासिल किया मुकाम, जानिये प्रोफेसर से रक्षामंत्री तक राजनाथ सिंह का सफर

Rajnath Singh भारतीय जनता पार्टी के पावरफुल और जानधार नेताओं में से एक माने जाते हैं

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आसान नहीं थी राह लेकिन हासिल किया मुकाम, जानिये प्रोफेसर से रक्षामंत्री तक राजनाथ सिंह का सफर

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) का 10 जुलाई को जन्मदिन है। वे पार्टी के पावरफुल और जानधार नेताओं में से एक माने जाते हैं। उनके राजनीतिक कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के बाद वे ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पार्टी की कमान दो बार संभाली है।

1975 में मिर्जापुर के जिला अध्यक्ष

10 जुलाई, 1951 को बनारस के चंदौली में जन्मे राजनाथ ने गोरखपुर विश्‍वविद्यालय से भौतिकी विषय में प्रोस्‍ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। सिंह एक कुशल प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं। राजनीति में आने से पहले राजनाथ सिंह मिर्जापुर के कालेज में प्रोफेसर की नौकरी करते थे। मिर्जापुर के कॉलेज में प्रोफेसर रहे हैं। 1971 में केबी डिग्री कॉलेज के वे प्रोफेसर चुने गए। इमरजेंसी के दौरान कई महीनों तक जेल में बंद रहने वाले राजनाथ सिंह को 1975 में जन संघ ने मिर्जापुर जिले का अध्‍यक्ष बनाया। 1975 में जेपी आंदोलन के जिला संयोजक भी नियुक्त किया गया। 1977 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक बनकर आए।

1999 में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री

1984 में राजनाथ को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रांतीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 1991 में वह शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण किया। 1994 में वह राज्य सभा के सदस्य चुने गए। 1997 में उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने। अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 1999 में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री बने। राजनीति की ऊंचाई पर चढ़ते हुए 2000 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया। बाराबंकी के हैदरगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से दो बार विधायक बने। 2002 में उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए। 24 मई 2003 को केंद्रीय कृषि मंत्री और उसके बाद खाद्य प्रसंस्करण मंत्री के रूप में शपथ ली।

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2004 में वह एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और 2005 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। मई 2009 में वह गाजियाबाद से सांसद निर्वाचित हुए। 23 जनवरी 2013 से 9 जुलाई 2014 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर आसीन रहे। मई 2014 में वह लखनऊ से सांसद का चुनाव जीता। 26 मई 2014 को राजनाथ सिंह ने भारत के गृहमंत्री बने। 2019 लोकसभा चुनाव में उन्होंने लखनऊ से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की। उन्हें मोदी कैबिनेट-2 में रक्षा मंत्री का भार दिया गया।

राजनाथ सिंह की उपलब्धियां

किसान आयोग का गठन, आय बीमा योजना का आरंभ।

2008 में बीजेपी अध्यक्ष के दौरान पार्टी पहली बार कर्नाटक में सरकार बनाई।

संगठन में 33% पद महिलाओं को दिया।

यूनाइटेड नेशन में वाजपेयी के बाद हिंदी में वक्तव्य देने वाले द्वितीय नेता बने।

बीजेपी 2014 में राजनाथ के अध्यक्ष रहते हुए 282 सीट जीत कर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाई।