कैसे होगी मंदिरों में पूजा, भगवान के दर्शन के अब क्या होंगे नियम, जानें

सरकार की तरफ से मंदिरों को खोलने को लेकर गाइडलाइन होगी जारी...

लखनऊ. अनलॉक 1.0 की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में लोगों को अब कई तरह की रियायतें चरणबद्ध तरीके से मिलने लगी हैं। इसी क्रम में करीब ढाई महीने के बाद राजधानी लखनऊ की सड़कों पर ऑटो और टेम्पो चलना शुरू हुए। तो वहीं कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्र में 8 जून से धार्मिक स्थल भी खोले जाने की तैयारी है। हालांकि अभी उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिरों को खोलने को लेकर कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है। फिलहाल मंदिर में प्रवेश बंद हैं, भगवान की सेवाएं जारी हैं। 8 जून से यूपी में मंदिर और धार्मिक स्थल भी खुलने वाले हैं। सरकार की तरफ से भी 8 जून के पहले गाइड लाइन मिलने की उम्मीद है। हालांकि 8 जून से मंदिर तो खुल जाएंगे, लेकिन दर्शन करने की परंपराओं में पहले के मुकाबले काफी बदलाव आ जाएगा। क्योंकि गाइडलाइंस में दर्शन करने वालों की संख्या को कम करने, प्रसाद चढ़ाने और चरणामृत समेत फूल-माला न देने समेत कई कड़े निर्देश हो सकते हैं।


यूपी के धार्मिक स्थलों में तैयारी

उत्तर प्रदेश के बड़े धार्मिक स्थलों की अगर बात करें तो मथुरा का बांकेबिहारी मंदिर, बनारस का काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में रामजन्म भूमि ऐसे स्थान हैं, जहां दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटती है। मथुरा और वृंदावन में रास्ते संकरे हैं, इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना एक बड़ा चैलेंज होगा। तो वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर को भी 8 जून से खोलने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। सरकार की तरफ से गाइडलाइन आने के बाद ही मंदिर में भक्तों को आने की इजाजत मिलेगी। मंदिर के सभी इंट्री प्वॉइंट पर श्रद्धालुओं के हाथों को सेनेटाइज करवाने से लेकर सभी के मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। इसके अलावा अयोध्या की राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन की व्यवस्था सुरक्षा मानकों के तहत की जाएगी।


मंदिर में दर्शन को लेकर हो सकते हैं यह बदलाव

- हाथ-पैर धोने पर रोक या हो सकती है कुछ अलग व्यवस्था।

- कतार में लगने वाली बैरिकैडिंग को हटाकर कम हाइट के रस्सियों या प्लास्टिक के डिवाइडर बन सकते हैं, जिससे लोग उसे छू नहीं सकें।

- मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कम रहेगी, साथ ही एक साथ कई लोगों को दर्शन के लिए इंट्री नहीं दी जाएगी। छोटे-छोटे टुकड़ों में ही लोग मंदिर के अंदर जा सकेंगे।

- मंदिर में से घंटियां हटाई जा सकती हैं, ताकि हर कोई इसे बजाने के लिए ना छुए, इससे संक्रमण फैल सकता है।

- श्रद्धालु जो हार-फूल और प्रसाद साते हैं, उसमें रोक लग सकती है।

- पुजारियों की सुरक्षा के लिए चरणामृत और प्रसाद बांटने पर रोक लग सकता है, क्योंकि इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाएगा।

- जगह कम होने की वजह से गर्भगृहों में प्रवेश रोका जा सकता है, वहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाएगा।

- प्रसाद व्यवस्था या तो बदली जा सकती है या कुछ समय के लिए इसे बंद रखा जा सकता है।

- मंदिर के कर्मचारियों और पुजारियों का बराबर हेल्थ चेकअप होगा, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

- पूरे मंदिर परिसर को दिन में कम से कम 3 से 4 बार सैनेटाइज किया जाएगा, जिससे लोगों की सुरक्षा हो सके।

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नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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