
यूपी में 75 जिला पंचायत अध्यक्षों में एक भी मुसलमान नहीं
संजय कुमार श्रीवास्तव
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ.Not a single Muslim उप्र में जिला पंचायत अध्यक्ष (zila panchayat adhyaksh) के चुनाव में पहली बार 75 में से एक भी जिले में मुस्लिम जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बन सका। जबकि, कम से कम पांच जिलों में भाजपा के पंचायत अध्यक्षों को जितवाने के लिए मुस्लिम सदस्यों ने वोट दिया। पिछली बार समाजवादी पार्टी से 4 मुसलमान जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए थे।
मुस्लिमों ने भाजपा उम्मीदवार को दिया वोट
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कई जिलों में मुस्लिम पंचायत सदस्यों ने भाजपा प्रत्याशियों को वोट दिया। बिजनौर, फतेहपुर, सम्भल, उन्नाव और बस्ती जैसे कम से कम पांच जिलों में तो भाजपा के पंचायत अध्यक्ष को जितवाने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी के साथ मुस्लिम (Muslim) सदस्यों ने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया।
भाजपा ने नहीं दिया था टिकट
यूपी में सत्तारूढ़ भाजपा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व न के बराबर है। भाजपा ने किसी मुस्लिम को जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट नहीं दिया था। भाजपा में कोई मुस्लिम विधायक भी नहीं है। न ही कोई सांसद है। इस पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि, उनके पास चुनाव जीतने लायक ऐसा कोई मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है।
क्षत्रियों का बोलबाला
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के जातीय विश्लेषण से पता चलता है कि इस बार क्षत्रिय समाज से सबसे ज्यादा 16 उम्मीदवार जीते हैं। जिनमें 15 भाजपा और एक निर्दलीय है। जबकि, 75 में से 39 सीटों पर महिलाओं ने जीत हासिल की है। इनमें से 10 सीटों पर ओबीसी और दलित महिलाओं ने कब्जा जमाया है।
ओवैसी चिंतित
मुस्लिम बहुल जिलों में भी मुस्लिम जिला पंचायत अध्यक्ष न चुने जाने पर एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विट किया है कि, उप्र के 19 प्रतिशत आबादी वाले मुसलामानों का एक भी जिला अध्यक्ष नहीं है। मंसूबा बंद तरीके से हमें सियासी और समाजी तौर पर दूसरे दर्जे का शहरी बना दिया गया है।
यूपी में मुस्लिम प्रतिनिधित्व
यूपी विधानसभा चुनाव 2012 में 64 मुस्लिम विधायक बने थे। जबकि, 2017 में 25 मुस्लिम विधायक जीते। 2019 लोकसभा चुनाव में छह मुस्लिम सांसद जीते। इनमें तीन सपा और तीन बसपा से हैं।
Published on:
05 Jul 2021 04:25 pm
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