लखनऊ. वैसे तो पुलिस के आप ने कई चेहरे देखे होंगे। लेकिन हजरतगंज पुलिस ने ऐसा काम किया है जिसकी आप जितनी प्रशंसा करें उतनी कम है। जी हां यह सच है। पुलिस ने एक मानसिक रूप से परेशान बुजुर्ग महिला को रात में भटकते हुए देखा। बुजुर्ग महिला कुछ भी बता नहीं पा रही थी। पुलिस ने इंसानियत दिखाते हुए महिला के परिजनों की काफी तलाश की और घरवालों को ढूंढ़कर बुजुर्ग महिला को उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस इंसानियत की प्रशंसा महिला के घर वाले ही नहीं बल्कि जो कोई सुन रहा है वह करने से नहीं थकता।
हजरतगंज थानाक्षेत्र के लालबाग चौराहे पर एक देर रात एक बुजुर्ग महिला भटकती हुई मिली। पुलिस ने जब उससे घर का पता पूछा तो कुछ भी नहीं बता पा रही थी। वह केवल आहूजा के यहां जाना बता पा रही थी। पुलिस ने जब उसके घरवालों को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन कुछ भी पता न चल सका। इस दौरान कोतवाली में तैनात सिपाही कृष्ण्कांत ने अपने चारबाग में रहने वाले दोस्त मोनू से सम्पर्क कर पूरा घटना क्रम बताया। दोस्त ने क्षेत्र में बात फैलाई और महिला के घर वालों को ढूंढ निकाला।
पुलिस ने मां की तरह दिया प्यार
पुलिस ने 77 वर्षीय बुजुर्ग कमला आहूजा को इस दौरान मां की तरह प्यार दिया। वह जो भी कहती महिला कांस्टेबल सुस्मिता यादव, नटवर सिंह चाहार अपनी टीम के साथ दादी को खाना, पानी, खीरा खिलाते रहे। सूचना पाकर मौके पर चारबाग में रहने वाले कमला के पौत्र योगेश आहूजा और हर्ष आहूजा पहुंचे इसके बाद पुलिस ने लिखा पढ़ी के बाद महिला को उनके घरवालों के सुपुर्द कर दिया।
पहले भी कई बार हो चुकी गायब
योगेश ने बताया उनकी दादी की दिमागी हालत ठीक नहीं है इसके चलते वह कई बार घर से गायब हो चुकी हैं। घर से जाने के बाद अक्सर वह आ जाती थीं। लेकिन शनिवार को जाने के बाद वह जब घर नहीं पहुंची तो घर वालों ने तलाशना शुरू कर दिया। रविवार को पुलिस ने उनके हजरतगंज में होने की सूचना दी तब घरवालों ने राहत की सांस ली। दादी को घर पहुंचाने में अहम रोल निभाने वाली हजरतगंज पुलिस की सबने प्रशंशा की है।