
जमीन अधिग्रहण में मुआवजे के नियमों में बदलाव, सरकार के खिलाफ रालोद शुरू करेगी 'पोल खोल धावा बोल' कार्यक्रम
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण करने के लिए सर्किल रेट में नियमों में बदलाव के सरकार के निर्णय के खिलाफ आवाज उठने लगे हैं। सरकार के इस नए ऐलान के खिलाफ विपक्षी दलों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूंजीपतियों के दवाब में सर्किल रेट के नियमों में बदलाव किया है। शनिवार को राष्ट्रीय लोक दल ने ऐलान कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की अगुवाई में पूरे प्रदेश में किसानों को साथ लेकर आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
पूंजीपतियों के दवाब में लिया गया निर्णय
राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मसूद अहमद ने कहा कि इन्वेस्टर समिट के नाम पर करोड़ों रुपया खर्च कर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूंजीपतियों को राजधानी लखनऊ में बुलाया। उनका जमकर स्वागत किया। पूंजीपतियों के दवाब में आकर मुख्यमंत्री की कैबिनेट ने किसानों की भूमि पर उद्योग लगाने के लिए सभी जमीन सर्किल रेट पर अधिग्रहण करने का प्रस्ताव पास कर दिया। डॉ मसूद ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्र में सर्किल रेट से चार गुना और शहरी क्षेत्र में सर्किल रेट से दो गुना मुआवजा मिलता था। डॉ मसूद ने कहा कि 118 साल पुराने भूमि अधिग्रहण कानून में 2013 में बदलाव कर सर्किल रेट से चार गुना और दो गुना मुआवजा देने का नियम बनाया गया था।
जयंत चौधरी की अगुवाई में शुरू होगा आंदोलन
डॉ मसूद ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की अगुवाई में पूरे प्रदेश में आंदोलन की तैयारी है, जिसकी शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होगी। पूर्वांचल, मध्य और बुंदेलखंड के जनपदों में किसानों की गोष्ठियों, रैलियों और चौपालों में जयंत हिस्सा लेंगे। इसका मकसद सरकार की नीतियों की मार झेल रहे किसानों को पार्टी से जोड़कर बड़े आंदोलन की तैयारी करना है। पार्टी सभी जिलों में 4 जुलाई को प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन भेजेगी। इसके बाद एक महीने तक 'पोल खोल धावा बोल' कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में जन संपर्क कार्यक्रम आयोजित होंगे।
Published on:
30 Jun 2018 03:17 pm
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