रियलिटी चेक : डाक्टर के बिना संचालित हो रहा है राजधानी का यह हेल्थ सेंटर

जियामऊ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जब पत्रिका टीम पहुंची तो यहाँ डाक्टर के अलावा बाकी सारी सुविधाएँ उपलब्ध मिली।

By: Laxmi Narayan

Published: 11 Sep 2017, 08:07 PM IST

लखनऊ. हर साल 11 सितंबर को विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्राथमिक चिकित्सा सेवा को बेहतर और व्यापक बनाने के प्रयासों के मूल्यांकन की कोशिश इस दिन होती है। उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने के लिए पत्रिका टीम ने राजधानी लखनऊ के वीआईपी क्षेत्र से सटे एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया। जियामऊ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जब पत्रिका टीम पहुंची तो यहाँ डाक्टर के अलावा बाकी सारी सुविधाएँ उपलब्ध मिली।

जियामऊ स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कुछ दिनों पहले ई - नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। जब पत्रिका टीम स्वास्थ्य केंद्र पहुंची तो पर्चा बनाने के लिए महिला कर्मचारी मौजूद मिली। स्वास्थ्य केंद्र बाहर और भीतर से बेहद साफ़-सुथरा और संवरा दिखाई दिया। जिस महिला कर्मचारी ने मरीज बनकर पहुंचे पत्रिका संवाददाता का रजिस्ट्रेशन किया, उसी ने भीतर से दवाएं भी लाकर दी। जब डाक्टर के मौजूद न होने के बारे में पूछा गया तो उस महिला कर्मचारी ने बताया कि यहाँ तैनात डाक्टर कुछ दिनों से नहीं आ रही हैं। बिना डाक्टर के संचालित इस स्वास्थ्य केंद्र को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों दावा किया था कि इसे ई - नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने के बाद मरीजों को हाईटेक तरीके से इलाज की सुविधाएँ मुहैया होंगी।

स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लेने के बाद पत्रिका संवाददाता ने लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस बारे में बात की। सीएमओ डॉ जीएस बाजपेई ने बताया कि इस स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डाक्टर ने कुछ दिनों पहले इस्तीफा दे दिया है। यहाँ बहुत जल्द डाक्टर की तैनाती कर दी जाएगी जिससे मरीजों को इलाज मिलने में कोई कठिनाई न हो।

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