यूपी की राजधानी स्वाइन फ़्लू के निशाने पर

उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ़्लू के सबसे अधिक मामले लखनऊ में सामने आये हैं।

By: Laxmi Narayan

Updated: 11 Sep 2017, 06:19 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ़्लू के सबसे अधिक मामले लखनऊ में सामने आये हैं। स्वाइन फ़्लू के हर रोज सामने आ रहे मामलों में राजधानी लखनऊ सबसे अव्वल बना हुआ है। स्वाइन फ़्लू के बढ़ते हुए मामले जागरूकता अभियानों की पोल खोल रहे हैं। इन सबके बीच स्वाइन फ़्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जो क्षेत्रवार आंकड़ा तैयार किया है, वह बेहद चौकाने वाला है। लखनऊ में स्वाइन फ़्लू ने सबसे अधिक कानपुर रोड, रायबरेली रोड और पीजीआई कैम्पस में रहने वाले लोगों को अपनी चपेट में लिया है जबकि देहाती क्षेत्र माने जाने वाले माल और मलीहाबाद जैसे क्षेत्र इस मामले में कम संवेदनशील पाए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने की एरिया मैपिंग

दरअसल स्वाइन फ़्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी की चपेट में आये मरीजों की क्षेत्रवार सूची तैयार की है जिससे संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया जा सके। वर्ष 2017 में अब तक स्वाइन फ़्लू की चपेट में आये लोगों की संख्या जब क्षेत्रवार एकत्र की गई तो सामने आया कि रायबरेली रोड पर 120 लोग और पीजीआई कैम्पस में 110 लोग स्वाइन फ़्लू की चपेट में आ चुके हैं। रश्मि खंड शारदा नगर में 14, तेलीबाग में 47, यूपी एसईबी बंगला में 2, रतीन्द्र नगर में 2 और साऊथ सिटी में 10 लोगों को स्वाइन फ़्लू ने अपनी चपेट में लिया है। हालाँकि यह आंकड़ा कुल मरीजों का है जिसमें से बहुत सारे मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

पूरा जनपद स्वाइन फ़्लू की चपेट में

रायबरेली रोड से अधिक संवेदनशील स्थिति आलमबाग अमौसी क्षेत्र की है। आलमबाग कानपुर रोड पर 222 मरीज अब तक सामने आ चुके हैं। हाइडिल कालोनी में 2, आरडीएसओ कॉलोनी में 8, एल्डिको में 10, मानक नगर में 7, श्याम नगर में 1, अमौसी एयरपोर्ट क्षेत्र में 9, सरोजनी नगर में 25, बिजनौर में 15, पिपरसंड में 3 लोगों को इस बीमारी ने अपनी चपेट में लिया है। कानपुर रोड और रायबरेली रोड के बाद संवेदनशील क्षेत्रों की सूची में चौक शामिल है। केजीएमयू हॉस्टल में अब तक 74 लोग स्वाइन फ़्लू की चपेट में आ चुके हैं। इसी तरह चौक में 80, खदरा में 14, मेहंदी गंज में 8, सआदत गंज में 26, हरदोई रोड पर 11, दुबग्गा में 17, बालागंज में 22, ठाकुरगंज में 16 मामले सामने आये हैं। इसी तरह अलीगंज क्षेत्र में जानकीपुरम में 66, त्रिवेणी नगर में 17 मामले सामने हैं।

इंदिरा नगर से ज्यादा गोमती नगर में मरीज

इंदिरा नगर में 59, गोमती नगर में 101 मामले सामने आये हैं। डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय परिसर में 5, यहियागंज में 9 और कैसरबाग में 8 मामले सामने आये हैं। चारबाग में 24 और कैंट में 18 लोगों को स्वाइन फ़्लू ने अपनी चपेट में लिया है। गोसाईगंज में 12, मोहनलालगंज में 11, हजरत गंज में 16 लोग स्वाइन फ़्लू से ग्रसित हुए हैं। मलीहाबाद में 6, काकोरी में 12 और माल में 3 लोग स्वाइन फ़्लू की चपेट में आये हैं।

13 लोगों की इस वर्ष हो चुकी है मौत

कुल रोगियों की बात करें तो लखनऊ में 2008 मरीजों में इस वर्ष स्वाइन फ़्लू की पुष्टि हुई है जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है। कुल बीमार हुए 2008 लोगों में से 1756 लोग इलाज के दौरान पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। शेष 171 मरीजों का घर में और 19 का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्वाइन फ़्लू दरअसल सूअर में होने वाला श्वास सम्बन्धी रोग है जो वायरस के माध्यम से मनुष्य में पहुंच जाता है। यह छींकने, खांसने, हाथ मिलाने और गले मिलने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक बड़ी आसानी से पहुंच जाता है।

संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता अभियान जारी

लखनऊ के सीएमओ डॉ जी एस बाजपेई कहते हैं कि स्वाइन फ़्लू को लेकर एरिया मैपिंग करने पर यह जानकारी सामने आई है कि किन क्षेत्रों में सबसे अधिक लोग इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। पीजीआई में यह संख्या अधिक होने का कारण यह हो सकता है कि यहाँ आने वाले मरीजों से यह बीमारी डाक्टरों और कर्मचारियों में पहुंची हो और इसके बाद कैम्पस के अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ गए। जिन क्षेत्रों में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक है, वहां जागरूकता अभियान सघन तरीके से चलाया जा रहा है और लोगों से संक्रमण की चपेट में आने से बचने के तरीके बताये जा रहे हैं।

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