6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UP Board Exam: लखनऊ में पकड़ा गया नकलची, एक लाख से ज्यादा छात्रों ने छो़ड़ी परीक्षा

परीक्षा को नकलवहीन बनाने में जुटी योगी सरकार की सख्ती का नतीजा है कि इस बार लगभग 1 लाख 80 हजार छात्र परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे।

2 min read
Google source verification
hh

लखनऊ. परीक्षा को नकलवहीन बनाने में जुटी योगी सरकार की सख्ती का नतीजा है कि इस बार लगभग 1 लाख 80 हजार छात्र परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने छात्र नकल पर निर्भर थे लेकिन सरकार की सख्ती इस बार रंग लाती दिख रही है। परीक्षा केंद्र की मॉनिटरिंग सीसीटीवी कैमरे से की जा रही है। बुधवार को परीक्षा के दूसरे दिन राजधानी में एक नकलची पकड़ा गया। लखनऊ के अलीगंज में गोपीराम पालीवाल इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा में एक मुन्नाभाई पकड़ा गया। प्रधानचार्य व केंद्र व्यवस्थापक डॉक्टर दीपक पालीवाल ने बताया कि सुबह की पाली में बुधवार को शुरू हुई हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में मुन्ना भाई धरा गया है।

मौके पर मौजूद सूत्रों के मुताबिक, पंजीकृत छात्र सुनील कुमार की जगह युसूफ परीक्षा देता पकड़ा गया। छात्र सुनील, श्री तारा सिंह बघेल इंटर कॉलेज भूपसिंह नगर ज्वालागढ़ का छात्र है, जिसका केंद्र पालिवाल इंटर कॉलेज में था। वहीं अमेठी जिले के रामजानकी बालिका इंटर कॉलेज सेमरौता में बुधवार को हाईस्कूल की एक परीक्षार्थी की संदिग्ध हालात में मौत होने से हड़कंप मच गया। घरवालों के अनुसार वह बीमार थी और उसका इलाज चल रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिवारीजन को सौंप दिया है।

योगी सरकार की दिखी सख्ती

छात्रों की संख्या के लिहाज से यूपी बोर्ड दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं करवाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षा बोर्ड है। इस साल भी 66 लाख 33 हज़ार छात्रों ने परीक्षा फ़ार्म भरे हैं. लेकिन परीक्षा के पहले दिन एक लाख 80 हज़ार छात्र परीक्षा से नदारद रहे।परीक्षा देने आए छात्र ने बताया, "माहौल बेहद सख़्त था, परीक्षकों के पास डंडे भी थे। किसी को गर्दन भी नहीं हिलाने दी। जो बच्चे तैयारी से आए थे वो लिख रहे थे। जो नहीं आए थे वो परेशान थे और इधर-उधर देख रहे थे लेकिन नकल नहीं कर पा रहे थे।"

माध्यमिक शिक्षा निदेशक अवध नरेश शर्मा कहते हैं, "जिन छात्रों ने परीक्षा की तैयारी नहीं की थी वो ही ग़ायब रहे हैं. जिन्होंने तैयारी की है वो पेपर देने आ रहे हैं लेकिन ये संख्या बहुत ज़्यादा है और दर्शाती है कि एक बड़ी तादाद में बच्चे पढ़ाई जारी नहीं रख पाएंगे।जब स्कूलों में पढ़ाई होगी तो ये नौबत नहीं आएगी. जो बच्चा पढ़ेगा वो धड़ल्ले से परीक्षा देगा। पढ़ने वाले बच्चे परीक्षा देने के लिए उत्साहित रहते हैं। परीक्षाएं कड़ी करना शिक्षा व्यवस्था में सुधार की शुरुआत है।"

ये भी पढ़ें- UP Board Exam: पहले ही दिन बदइंतजामी की मार, कई छात्रों ने छोड़ी परीक्षा