#BirthdaySpecial: 44 साल के हुए योगी आदित्यनाथ, योगी से सीएम तक का सफर

आज उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन है। उनकी उम्र 44 वर्ष की हो गई। योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को हुआ था।

लखनऊ. आज उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन है। उनकी उम्र 44 साल की हो गई। योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के पौड़ी गढ़वाल जिले में यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव के एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट है जो एक फॉरेस्ट रेंजर थे और इनकी मां का नाम सावित्री देवी है। अपनी माता-पिता के सात बच्चों में तीन बड़ी बहनों व एक बड़े भाई के बाद ये पांचवें थे एवं इनसे और दो छोटे भाई हैं। योगी आदित्यनाथ की क्षवि हमेशा से भाजपा के एक तेजतर्रार नेता के रूप में रही है। पूरे उत्तर प्रदेश में अगर देखा जाए तो योगी आदित्यनाथ के समर्थकों की भारी संख्या है। योगी आदित्यनाथ हमेशा से अपने भडकाउ भाषणों के चलते चर्चा में रहे हैं। योगी खुलकर बेबाक बयानबाजी करते रहे हैं, फिर चाहे वह बयान इस्लाम पर हो या पाकिस्तान पर हो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का असल नाम अजय सिंह है। योगी का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था। योगी ने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में B.Sc. किया है। आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। वह हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं। हिंदू युवा वाहिनी हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है।




26 साल की उम्र में पहली बार बने सांसद

गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी बनाया। इसके बाद से ही योगी आदित्यनाथ की राजनीति शुरू हुई। योगी 1998 में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर सबसे कम उम्र में संसद पहुंचे। योगी आदित्यनाथ सिर्फ 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने और तब से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2014 में योगी आदित्यनाथ पांचवी बार सांसद बने।




हिंदू युवा वाहिनी का किया गठन

राजनीति में आने के बाद योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी का भी गठन किया। जिसके बाद योगी ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ अपनी एक मुहिम छेड़ी। अपनी कट्टर हिंदुत्व की क्षवि के चलते उन्होंने कई बार विवादित बयान दिए। इन बयानों की वजह से योगी कई बार विवादों में भी आए। हालांकि इन विवादों के बाद योगी की ताकत लगातार बढ़ती गई। 2007 में जब गोरखपुर में दंगे हुए तब योगी को मुख्य आरोपी बनाकर उनकी गिरफ्तारी हुई। हालांकि इसके बाद काफी कोहराम मचा और इसके बाद योगी पर कई मुकदमे भी दर्ज किए गए।




आजमगढ़ में हुआ जानलेवा हमला

योगी आदित्यनाथ पर 7 सितंबर 2008 को आजमगढ़ में जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वह बाल-बाल बचे। गोरखपुर दंगों के दौरान गिरफ्तार भी किए गए। दरअसल मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा की जान चली गई थी। डीएम ने बताया की वह बुरी तरह जख्मी है, तब अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से मना कर दिया, लेकिन आदित्यनाथ उस जगह पर जाने के लिए अड़ गए। तब उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की। अगले दिन उन्होंने शहर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने की घोषणा की, लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ्तारी दी। उनपर कार्यवाही का असर हुआ और मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा। यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फैल गए। उनकी गिरफ्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी और पुलिस का तबादला हो गया।



योगी जो कहें वही कानून

इन सबसे बाद योगी आदित्यनाथ की क्षवि कुछ ऐसी बन गई कि वह जहां खड़े हो जाते वहीं सभा शुरू हो जाती। योगी जो बोल देते वह उनके समर्थकों के लिए एक तरह का कानून बन जाता है। यहां तक कि होली और दीपावली कब मनान है इसका एलान योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से करते हैं। आपको बता दें कि गोरखपुर में हिंदुओं का त्योहार एक दिन बाद मनाया जाता है। गोरखपुर और आसपास के इलाके में योगी आदित्यनाथ और उनकी हिंदू युवा वाहिनी की ही चलती है। बीजेपी में भी योगी की ऐसी धमक है कि पिछले लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए योगी को बीजेपी ने हेलीकॉप्टर उपलब्ध करवाया था।


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नितिन श्रीवास्तव
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