
ये है योगी सरकार की नई सिविल एविएशन पॉलिसी, एयर टूरिज्म पर फोकस
लखनऊ. योगी सरकार उप्र के पर्यटन के मद्देनजर प्रदेश का हर मंडल मुख्यालय को लखनऊ से हवाई सेवा से जोडऩे की कार्ययोजना बना रही है। इसके लिए राज्य सरकार नई सिविल एविएशन पॉलिसी बनायी गयी है। इसमें छोटे शहरों को हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर सर्विस से जोडऩे की योजना है। इसमें धार्मिक और पर्यटक स्थलों को प्रमुखता दी गयी है।
इन शहरों पर ज्यादा जोर
जिन शहरों को हवाई सेवा से जोड़ा जाना हैं उनमें लखनऊ से आगरा, इलाहाबाद, बरेली, फैजाबाद, मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़, श्रावस्ती, आजमगढ़, झांसी और चित्रकूट शामिल हैं।
इन राज्यों के लिए सीधे हवाई सेवा
उप्र सरकार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड के प्रमुख शहरों को भी लखनऊ से जोडऩा चाहती है।
इन धार्मिक स्थलों से हेलिकॉप्टर सेवा
उप्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों को हेलिकॉप्टर सेवा से जोडऩे की योजना है। इसमें लखनऊ से वृंदावन, मथुरा, नैमिशारण्य, चंद्र प्रभा, महोबा, चुनार, देवगढ़, अयोध्या,काशी और प्रयाग प्रमुख हैं।
10 एयर स्ट्रिप पर भी काम
उप्र सरकार प्रदेश में 10 एयर स्ट्रिप्स को भी विकसित कर रही है। इनमें मेरठ, मुरादाबाद, फैजाबाद, सहारनपुर, झांसी, चित्रकूट, आजमगढ़, अलीगढ़, मीरजापुर और श्रावस्ती शामिल हैं। इसके लिए एक कंपनी बनाने की तैयारी है। स्ट्रिप के लिए राज्य सरकार मुफ्त जमीन देने की योजना पर काम कर रही है।
बरेली हवाई अड्डे पर काम जारी
बरेली में हवाई अड्डे पर अभी कंस्ट्रक्शन का काम जारी है। उसके मुकम्मल होते ही जेट एयरवेज यहां से भी उड़ान सेवाएं शुरू कर देगी।
अभी यूपी में तीन हवाई अड्डे ही संचालित
उप्र में अभी लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में ही हवाई अड्डे पूरी तरह से संचालित हैं। आगरा, इलाहाबाद और कानपुर में डिफेंस एयरपोर्ट संचालित हैं। पश्चिमी उप्र में जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है। बरेली में भारतीय वायुसेना का पुराना एयरबेस है। मेरठ, मुरादाबाद और फैजाबाद में हवाई पट्टी है। इन्हें हवाई अड्डे में बदलने की योजना है। इसके लिए राज्य सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एमओयू साइन कर लिया है।
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट यूपी में
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। अब दिल्ली-एनसीआर के जेवर इलाके में दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण प्रस्तावित है। यह देश का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। जेवर एयरपोर्ट पांच हजार हेक्टेयर में बनेगा। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 2050 तक सालाना बीस करोड़ यात्री हवाई सफर करेंगे। जेवर एयरपोर्ट से विमान सेवाओं का संचालन 2023-24 में शुरू होने की उम्मीद है।
क्या कहते हैं प्रतिनिधि
उप्र में छोटे शहरों में विमानन सेवाओं की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं। इलाहाबाद के बाद जेट एयरवेज जल्द ही बरेली से भी क्षेत्रीय विमानन सेवा शुरू करेगी।
-अमित अग्रवाल, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी
Updated on:
14 Jun 2018 02:56 pm
Published on:
14 Jun 2018 02:52 pm
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