एससी/एसटी और पिछड़ों को कोटे में कोटा देने की तैयारी, जातियों में ऐसे होगा आरक्षण में कोटे का बंटवारा

एससी/एसटी और पिछड़ों को कोटे में कोटा देने की तैयारी, जातियों में ऐसे होगा आरक्षण में कोटे का बंटवारा

Hariom Dwivedi | Updated: 19 Aug 2019, 02:38:43 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- सामाजिक न्याय समिति की सिफारिशें लागू करने पर योगी आदित्यनाथ सरकार सहमत
- ओबीसी जातियों को तीन और एससी/एसटी को दो श्रेणी में आरक्षण का दिया जा सकता है लाभ
- सामाजिक न्याय समिति की सिफारिशों के आधार पर मसौदा तैयार कर रहा समाज कल्याण विभाग

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Sarkar) एससी/एसटी (SC/ST) और पिछड़ों (OBC) को कोटे में कोटा (Reservation) देने की तैयारी में है। सामाजिक न्याय समिति (Social Justice Committee) की सिफारिशों को लागू करने के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) इसका मसौदा तैयार कर रहा है। जल्द ही योगी आदित्यनाथ कैबिनेट (Yogi Adityanath Cabinet) में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा। कैबिनेट में प्रस्ताव पास होते ही उत्तर प्रदेश देश का आठवां ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां कोटे में कोटे की व्यवस्था लागू होगी। अब तक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में ही कोटे में कोटे की व्यवस्था लागू है। सरकार का कहना है कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू होते ही अनुसूचित जाति-जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग की उन जातियों को आरक्षण का पूरा लाभ मिल सकेगा, जो अब तक आरक्षण के फायदे से वंचित हैं।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते वर्ष ओबीसी आरक्षण को नये सिरे से तय करन के लिए सामाजिक न्याय समिति गठित की थी। समिति ने दिसंबर 2018 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट में ओबीसी आरक्षण को तीन श्रेणियों में बांटने की सिफारिश की गई है। दलितों के आरक्षण का नये सिरे से निर्धारण के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोई नई सामाजिक न्याय समिति नहीं बनाई। वर्ष 2001 में जब राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, मंत्री हुकुम सिंह की अध्यक्षता में सामाजिक न्याय समिति बनी थी। इस समिति ने दलितों के आरक्षण को दो श्रेणियों में बांटकर नये सिरे से आरक्षण के निर्धारण की जरूरत बताई थी। अब उसे ही लागू करने की तैयारी है। रिपोर्ट के आधार पर सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति के आरक्षण को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी में है। इन्हें क्रमश: 10 और 11 फीसदी आरक्षण मिलेगा।

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ओबीसी का वर्गीकरण
पहली श्रेणी- कुर्मी, यादव, चौरसिया
दूसरी श्रेणी- कुशवाहा, शाक्य, लोध, शाहू, तेली, गुज्जर, माली आदि
तीसरी श्रेणी- राजभर, मल्लाह, बिंद, घोसी आदि

अनुसूचित जाति का वर्गीकरण
अ अनुसूची- चमार, घूसिया, जाटव
ब अनुसूची- वाल्मीकि, धानुक, खटिक और धोबी सहित 60 जातियां

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किसने क्या कहा
समाज कल्याण मंत्री ने कहा- बड़े वर्ग को होगा लाभ
सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू होते होने के बाद अब तक आरक्षण से वंचित जातियों के बड़े वर्ग को लाभ होगा।- रमापति शास्त्री, समाज कल्याण मंत्री उत्तर प्रदेश

मायावती बोलीं- उपेक्षित वर्गों पर विशेष ध्यान दे सरकार
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अगड़ी जातियों के करोड़ों गरीबों की आर्थिक हालत काफी खराब है। सरकार से मांग है कि इन उपेक्षित वर्गों पर विशेष ध्यान दे और गरीबी उन्मूलन आदि योजनाओं का सही लाभ उपलब्ध कराए।- मायावती, बसपा अध्यक्ष

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समिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू करे सरकार : ओम प्रकाश राजभर
सरकार को सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू कर देना चाहिए। बिना आरक्षण का विभाजन किए अगर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी, तो वंचित जातियों के साथ धोखा होगा।- ओमप्रकाश राजभर, सुभासपा अध्यक्ष

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