कभी गाते थे रेस्तरां में गाना, फिर यूं बन गए टॉप यू-ट्यूब स्टार, जाने कहानी

Motivational Story: आज भुवन बाम का नाम हिंदुस्तानी जनता के लिए अनजाना नहीं है। अपने फनी वीडियोज के चलते भुवन बाम के 1.30 करोड़ सब्सक्राइबर्स बन चुके हैं। एक अनुमान के अनुसार उनकी सालाना कमाई करोड़ों रूपयों में है।

Motivational Story: आज भुवन बाम का नाम हिंदुस्तानी जनता के लिए अनजाना नहीं है। कभी वो रेस्तरां में गाना गाया करते थे परन्तु उन्होंने इसे अपनी जिंदगी नहीं माना वरन कुछ करने की ठानी और देश के सबसे बड़े यूट्यूबर बन गए। अपने फनी वीडियोज के चलते भुवन बाम के 1.30 करोड़ सब्सक्राइबर्स बन चुके हैं। एक अनुमान के अनुसार उनकी सालाना कमाई करोड़ों रूपयों में है।

यू-ट्यूब पर आने से पहले दिल्ली के रेस्तरां-कैफे में गाना मेरी आय का प्राथमिक स्रोत था। मई 2015 में कश्मीर बाढ़ के कवरेज के दौरान एक टीवी रिपोर्टर उस मां से ‘आपको कैसा लग रहा है?’ जैसे सवाल पूछ रहा था, जिसने त्रासदी में अपने बच्चे को खो दिया था। मैंने रिपोर्टर पर व्यंग्य करते हुए छोटा-सा वीडियो शूट किया जो देश भर में वायरल हो गया और यहीं से बीबी या भुवन बाम की वाइन के मेरे कॅरियर में एक बड़ा मोड़ आ गया। एकनेक्सस मोबाइल फोन से शुरुआती वीडियो फेसबुक पर डालता था, बाद में यू-ट्यूब पर अपलोड करने लगा। आज भी मैं अपने वीडियो नेक्सस फोन से खुद शूट करता हूं, खुद लिखता हूं, खुद कई किरदार निभाता हूं और खुद अपलोड करता हूं।

मैं खुद को एक्सीडेंटल यू-ट्यूबर इसलिए कहता हूं क्योंकि मैंने जान-बूझकर यू-ट्यूबर बनना तय नहीं किया था, यह बस हो गया और जब हुआ तो दो-ढाई सालों में ही इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि आज मेरे यू-ट्य़ूब चैनल बीबी की वाइन्स के सबस्क्राइबर की संख्या 1.30 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई है। मैं बस अपने चुटीले वीडियो से लोगों को हंसाना चाहता था और पब्लिक को यह पसंद आया। शुरुआत रेस्तरां में बतौर गायक के रूप में की थी लेकिन ईश्वर के पास मेरे लिए तोहफे और भी थे! मुझे लगता है कि मैं सफल हुआ क्योंकि मैं साधारण था!

टूटे हुए दिलों को जोड़ा
शुरू में मेरे माता-पिता परेशान थे कि उनका बच्चा एक रेस्तरां में प्रदर्शन कर रहा था। फिर उन्होंने देखा कि मैं यू-ट्यूब पर फनी वीडियो डाल रहा हूं। पर मैंने उन्हें आश्वस्त किया, उनका विश्वास जीता, बेहतर बनने के लिए कड़ी मेहनत करता रहा। अपने माता-पिता के साथ दिल से दिल की बात करने की जरूरत है और उन्हें अपने जुनून और सपनों को समझाने की जरूरत है।

जुनून का अहसास जरूरी
यह 12 वीं और कॉलेज के बीच के दिन थे जब मुझे संगीत के लिए अपने जुनून का अहसास हुआ, मेरे पैरेंट्स चाहते थे कि मैं पढ़ाई करूं, अच्छी नौकरी पाऊं। मैंने गाने की ट्रेनिंग भी ली और रेस्तरां में एक गायक के रूप में काम भी किया। मैं अपनी चॉइस के साथ जुटा हुआ था। उन्होंने सपोर्ट किया। इससे मदद मिली। चीजें ठीक होने लगीं।

भरोसा देंगे तो भरोसा मिलेगा
हमेशा अपने से छोटों और नए आने वालों में आत्मविश्वास भरते रहें। उन्हें बताएं कि वे जो भी कर रहे हैं, वे अच्छा कर रहे हैं और भविष्य बेहतर है। जब वे गलत कर रहे हों तो उन्हें सुधारें। अपनी विशेषज्ञता के साथ उनकी मदद करें और उन्हें अपने लक्ष्य की दिशा में बेहतर राह तलाशने में मदद करें। इस तरह आप खुद को भी अपडेट करते रहें।

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सुनील शर्मा
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