युवाओं में भर रहे हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा की भावना

नैतिक शिक्षा की किताबों से मिली सीख

By: Mangal Singh Thakur

Published: 12 Jan 2021, 11:48 AM IST

मंडला. अपने प्राथमिक शिक्षा में मिलने वाली नैतिक शिक्षा में सुनाई जाने वाली स्वामी विवेकानंद की कहानियों से स्वामी जी के प्रति बढ़ा आकर्षण दिनों दिन बढ़ता गया। विद्यालयों में आयोजित होने वाले वार्षिक उत्सवों में भी स्वामी जी की जीवनी से संबधित पात्रों पर अभिनय करते हुए युवावस्था में विचार आया कि क्यों न देश और समाज की सेवा के लिए स्वामी जी के विचारों से युवाओं को अवगत कराते हुए उन्हें समाज के उत्थान के लिए प्रेरित किया जाए। बस इसी विचार ने धर्मेंद्र सिंह ठाकुर को अनेक युवाओं को देश और समाज सेवा के लिए प्रेरित किया है। जिनको साथ लेकर इन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के सूखे जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित किया है। जंगलों में फैली आग को बुझाकर न केवल पेड़ पौधों बल्कि वन्य जीवों के जीवन के भी सुरक्षित किया है।

गांधी जयंती के दिन 1987 में जन्मे धर्मेन्द्र जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने हैं। संगठन हिंदू सेवा परिषद् के साथियों के साथ मिलकर कोरोना काल में भी जरूरत मंद परिवारों तक राशन सामग्री पहुंचाई ही है साथ ही साथ कोरोना योध्दाओं को भी हर संभव सहायता पहुंचाने का कार्य किया है। जिले की सीमाओं में लगी चेकपोस्टों में तैनात पुलिस के जवान, स्वास्थ कर्मी, सफाई कर्मियों को महीनों तक सुबह शाम चाय पिलाकर देश के जागरुक नागरिक की भूमिका भी इन्होनें अदा की। आज भी ये युवाओं के बीच स्वामी जी के प्रेरक प्रसंगों को पहुंचाने और उससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन को राष्ट्र व समाज हित में समर्पित करने के लिये प्रेरित करते रहते हैं। धर्म और समाज के प्रति लगन को देखते हुए धमेन्द्र को हाल में हिन्दू सेवा परिषद ने प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा है।

Mangal Singh Thakur
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