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डॉक्टर के कारण मेरी पत्नी की जान गई, इन्हें सजा मिले

महिला आयोग की बेंच में पहुंच कई मामले, महिला चिकित्सक के खिलाफ दो लोगों ने दर्ज कराई शिकायत

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मंदसौर.
मेडम, महिला चिकित्सक की लापरवाही के कारण मेरी पत्नी की जान गई है।मैं चाहता हूं कि डॉक्टर पर कार्रवाई हो तथा उन्हें निलंबित किया जाए। ऐसे डॉक्टरों के कारण कई और मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।यह बात गुरुवार को पत्नी की मृत्यु के बाद न्याय के लिए भटक रहे पति ने महिला आयोग की बेंच मेंअपनी गुहार लगाते हुए महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष लता वानखेड़े से कही।
महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष लता वानखेड़े ने मंदसौर के सर्किट हाउस में गुरुवार को आयोग की बेंच लगाई और करीब २४ प्रकरणों पर सुनवाई की।सुनवाई के दौरान ११ प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया। सुनवाई के दौरान मंदसौर की एक चिकित्सक के खिलाफ दो मामले में आयोग की बेंच के सामने आए।दोनों ही मामलों को गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूरे मामले को समझा और पीडि़तों के बयान भी दर्ज कराए।
महिला चिकित्सक पर लगाए गंभीर आरोप
मंदसौर की चिकित्सक डॉ. प्रीति मानावत के खिलाफ दो पीडि़तों ने आयोग की बेंच को शिकायत दर्ज कराई है।मंदसौर निवासी कमलेश पिता रमेशचंद्र पाटीदार ने बेंच को बताया कि उसकी पत्नी अंगूरबाला ने २५ नवंबर २०१४ को एक पुत्र को पमनानी हॉस्पिटल में जन्म दिया था।जिसका ऑपरेशन डॉ. मानावत ने किया था।ऑपरेशन के दौरान डॉ.मानावत ने लापरवाही करते हुए किडनी की नसें काट दी, जिसके कारण उसकी तबीयत लगातार बिगडऩे लगी।कईहॉस्पिटल में उसका इलाज करवाया गया, परंतु बीमारी से तंग आकर उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान डॉ. मानावत ने कोई सहयोग भी नहीं किया।
ऑपरेशन को हो गए दो साल, पर नहीं सुधर रही तबियत
वहीं एक अन्य पीडि़त श्याम परमार ने बताया कि उसकी पत्नी कविता परमार ने १० फरवरी २०१६ को एक बच्ची को जन्म दिया था।प्रसूति के बाद डॉ. प्रीति मानावत ने कविता को ब्लड चढ़ाने की बात कही।उन्होंने एक पर्चे पर लिखकर ब्लड लाने के लिए कहा।वह ब्लड बैंक से ब्लड लेकर आ गया।ब्लड चढ़ाने के बाद उसकी पत्नी को चार दिनों तक होश नहीं आया।उसके बाद वह पत्नी को उदयपुर के सिविल हॉस्पिटल ले गया।वहां डॉ.मुकेश बडज़ात्या ने बताया कि गलत ब्लड चढ़ाने से उसकी पत्नी की कि किडनी डेमेज हो गई है।तक उसे वह बेड रेस्ट पर है।डॉ.मानावत की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी पर जान का संकट आ गया है।
मामले को गंभीरता से लेंगे
दोनों मामले सुनने के बाद आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े ने कहा कि दोनों मामलों को गंभीरता से लेंगे।महिला डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त करने के साथ विभागीय जांच, उनका निलंबन और वैधानिक कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
दोनों ही मामलों में मेरी कोई गलती नहीं है
दोनों शिकायतों के संबंध में डॉ. प्रीति मानावत का कहना है कि दोनों ही मामलों में उनकी कोईगलती नहीं है।कमलेश के मामले में उसकी पत्नी तीन वर्ष बाद आत्महत्या कर ली थी, जबकि श्याम का प्रकरण न्यायालय से खारिज हो चुका है।बेंच के सामने मैंने भी अपना पक्ष रखा है।