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यूरोपियन केंद्रीय बैंक ने दी चेतावनी, बढ़ते ट्रेड वॉर की वजह से यूरोप में संपत्तियों की कीमतों में भारी गिरावट होगी

ईसीबी ने अपने फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में यूरोपिय क्षेत्र में संभावी खतरे के बारे में आगाह किया। अमरीका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर की वजह से वैश्विक बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कमजोर कॉरपोरेट अर्निंग्स की वजह से वैश्विक लिवरेज्ड लोन सेक्टर पर भार बढ़ा है।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Kumar Verma

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Updated: 29 May 2019, 7:07 PM IST

European Market

यूरोपियन केंद्रीय बैंक ने दी चेतावनी, बढ़ते ट्रेड वॉर की वजह से यूरोप में संपत्तियों की कीमतों में भारी गिरावट होगी

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ते अनिश्चित्ततओं को देखते हुए European Central Bank (ईसीबी) ने कहा है कि वित्तीय बाजार को तरलता के बड़े संकट के लिए तैयार रहना होगा। यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिव्यू में सचेत करते हुए कहा कि अनुमान से भी कमजोर ग्रोथ और ट्रेड वॉर को लेकर बढ़ती तल्खी की वजह से संपत्तियों की कीमतो में भी गिरावट देखने को मिलेगी। बता दें कि ईसीबी की यह फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट यूरोपिय क्षेत्र में संभावी खतरे के बारे में आगाह करता है।

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वैश्विक बाजार में भारी बिकवाली

अमरीका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर की वजह से वैश्विक बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। इस माह के शुरुआत से अबतक डाओ जोंस इंडस्ट्रियल औसत इंडेक्स और एसएंडपी में क्रमश: 4.6 फीसदी और 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इसी दौरान, प्रमुख यूरोपियन स्टॉक्स 600 भी अब तक 5.2 फीसदी लुढ़क चुका है।

ईसीबी के उपाध्यक्ष लुईस डे गिडोस ने बुधवार को एक बयान में कहा, "ग्रोथ आउटलुक में गिरावट की वजह से वित्तीय बाजार में अस्थिरता बढ़ जाएगी, क्योंकि वित्तीय अस्थिरता के केंद्र में ही ग्रोथ आउटलुक है।" गत मार्च माह में इस यूरोपिय बैंक ने 2019 के लिए ग्रोथ अनुमान को दिसंबर 2018 के 1.7 फीसदी से घटाकर 1.1 फीसदी कर दिया था।

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यूरोपिय बाजारों की हालत अभी भी खराब रहेगी

बुधवार को जारी किए गए इस रिपोर्ट में कहा गया कि कमजोर कॉरपोरेट अर्निंग्स की वजह से वैश्विक लिवरेज्ड लोन सेक्टर पर भार बढ़ा है। आपको बता दें कि लिवरेज्ड लोन उस लोन को कहा जाता है जो किसी कंपनी या व्यक्ति के खराब क्रेडिट इतिहास या कर्ज की वजह से अधिक रहता है। एसएंडपी के मुताबिक, अमरीकी बाजार में लिवरेज्ड लोन पहले ही एक ट्रिलियन डॉलर के पार जा चुका है।

ईसीबी ने यह भी चेतावनी दी है कि यूरोपिय क्षेत्र में कम मुनाफा होने की वजह से बैंकों की परेशानियां अभी भी खत्म नहीं होने वाली हैं। साथ ही ईसीबी ने यह भी कहा है कि यूरोपियन बैंकों को निवेशकों से होने वाले 8-10 फीसदी के अनुमानित रिटर्न नहीं मिल सकेगा। हालांकि, बैकों की कुल पूंजी जरूरत अभी भी मजबूत रहेगी।