Corona Era में घट गई Jewelers की कमाई, अब New Jewelery को पिघलाकर बनाएंगे पैसा

  • Demand कम होने के कारण बढ़ गई है Jewelery के पास काफी Gold Inventories
  • Making Charge को खत्म करने के लिए Jewelers ने कमाई का निकाला नया तरीका

By: Saurabh Sharma

Updated: 05 Jul 2020, 06:47 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के दौर ( Coronavirus Era ) में गहनों की डिमांड ( Jewelery Demand ) भी काफी कम हो गई है। इसका अंदाजा मौजूदा वित्त वर्ष में के शुरुआती गोल्ड इंपोर्ट की गिरावट ( Gold Import Decline ) से साफ लगाया जा सकता है। ऐसे में ज्वेलर्स क्या करें? ज्वेलर्स का स्टॉक खत्म नहीं हो रहा है। ऐसे में अपने नुकसान की भरपाई के लिए पुरानी ज्वेलरी के साथ नई ज्वेलरी को पिघलाया ( Melting New Jewelery ) जा रहा है। जाकि मेकिंग चार्ज ( Gold Jewelery Making Charges ) को कम किया जा सके। साथ ही बचे हुए स्क्रैप से भी कमाई करने की योजना बना जा रही है।

Post office Scheme से मात्र एक हजार रुपए के निवेश से कर सकते हैं कमाई की शुरूआत

अब नई ज्वेलरी को पिघलाकर करेंगे कमाई
जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में ज्वेलर्स अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए नई ज्वेलरी को भी पिघला रहे हैं। इससे पहले ज्वेलर्स पुरानी ज्वेलरी को पिघलाते थे। जो नई ज्वेलरी बेचने पर मिलती थी। जानकारों की मानें तो ऐसा ज्वेलर्स कोरोना वायरस के दौर में आई मंदी के कारण कर रहे हैं। क्योंकि इ दौर में नए गहनों की डिमांड काफी कम हो गई है। जिसकी वजह से उनका बिजनेस काफी प्रभ्भावित हुआ है। गहनों की बिक्री ना होने के कारण ज्वेलर्स के पास इंवेंट्रीज अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

बढ़ा Foreign investors का विश्वास, जून में 15 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा Foreign Investment

बढ़ गया है स्क्रैप को पिघलाने का स्टॉक
मेटल फोकस में साउथ एशिया के प्रिंसिपल कंसल्टेंट चिराग शेठ के अनुसार मौजूदा समय में मेल्ट करने के लिए दो तरह के स्क्रैप आने शुरू हो गए हैं। अब तक, केवल पुरानी ज्वैलरी ही स्क्रैप में जा रही थी, लेकिन अब कई ज्वैलर्स ने ताजा ज्वैलरी स्टॉक भी पिघलाना शुरू कर दिया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 119 टन के मुकाबले 2020 में 140 टन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की मेल्टिंग को भी संस्थागत रूप दिया जा रहा है, ताकि स्क्रैप अब रिफाइनरीज में सीधा जाए। पहले, यह आसपास की दुकानों या केंद्रों में पिघलाया जाता था।

समीक्षा करने का मिला समय
ओआरआरए के प्रबंध निदेशक दीपू मेहता ने कहा के अनुसार कोविड लॉकडाउन के दौरान उन्हें अपनी रणनीति को समीक्षा करने और पोस्ट कोविड के बाद नई मांग की की समीक्षा करने का भी पूरा समय मिला है। उन्होंने बढ़ी हुई इन्वेंट्री को रेशनलाइज करने का तरीका कोई नया नही है।

April और May के महीने में Gold Import में आई भारी कमी, जानिए सरकार के आंकड़े

नहीं कर पा रहे थे एक्सट्रा इंवेंट्रीज
कई बड़े चेन स्टोर पहले से ही सिंगल स्टोर्स में कम इन्वेंट्री पर काम कर रहे थे, लेकिन अपने खुद के आउटलेट से एक डिज़ाइन उपलब्ध होने पर दूसरे आउटलेट से व्यवस्था कर देते थे। हालांकि, छोटे और स्टैंडअलोन स्टोर जिनके पास ऐसा कोई विकल्प नहीं था, वे ग्राहकों को बनाए रखने के लिए जहां भी संभव हो, उच्चतर इन्वेंट्री रख रहे थे। इस तरह के स्टोर जो ज्यादा ज्वेलरी को अफॉर्ड नहीं कर पा रहे थे, अब आभूषणों की एक्सट्रा इंवेंट्रीज को पिघलाने लगे हैं।

Saurabh Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned