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शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, 2.5 लाख किताबों से गायब हुआ राष्ट्रगान का उत्कल और बंग

मथुरा के प्रमोद प्रिंटर फैक्टरी में छपाई के लिए गई वाटिका नाम की किताबों में प्रेस से राष्ट्रगान का उत्कल और बंग गायब हो गया है। ऐसा एक या दो किताबों में नहीं बल्कि ढाई लाख किताबों में देखा है, जिनमें से राष्ट्रगान का उत्कल और बंग गायब है।
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मथुरा

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Jyoti Singh

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Updated: 11 Sep 2022, 12:52 PM IST

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उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बड़ी लापरवाही के चलते शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चाओं में है। यहां शिक्षा विभाग द्वारा कुछ किताबों को छपाई के लिए मथुरा के प्रमोद प्रिंटर फैक्टरी में भेजा गया था। लेकिन किताबों में छपाई के समय बड़ी गलती हो गई। दरअसल छपवाने के लिए गई इन किताबों में प्रेस से राष्ट्रगान का उत्कल और बंग गायब हो गया है। ऐसा एक या दो किताबों में नहीं बल्कि ढाई लाख किताबों में देखा है, जिनमें से राष्ट्रगान का उत्कल और बंग गायब है। वहीं जब अधिकारियों को इस मामले की भनक लगी तो उनमें हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आनन.फानन में प्रिंटिंग प्रेस से अन्य किताबों की छपाई को रुकवाया है।

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कक्षा पांच में पढ़ाई जाने वाली वाटिका नाम की किताब से गायब हुआ शब्द

आपको बता दें कि जिले का शिक्षा विभाग आए दिन किसी न किसी बात को लेकर चर्चाओं में बना रहता है। कहीं बच्चे पेड़ के नीचे पड़ते नजर आते हैं, तो कहीं सरकारी किताबों से राष्ट्रगान के उत्कल और बंग गायब हो जाते हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ सामने आया है। यहां कक्षा पांच में पढ़ाई जाने वाली वाटिका नाम की किताब के आखरी पेज पर राष्ट्रीय गान लिखा हुआ है। राष्ट्रगान में पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा के बाद आने बाले उत्कल और बंग शब्द गायब हैं। ऐसा 1.2 किताबों में नहीं बल्कि पूरी ढ़ाई लाख किताबों में है।

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किताबों को प्रदेश के कौशांबी जिले में वितरण के लिए भेज दिया गया

उधर, इन किताबों को प्रदेश के कौशांबी जिले में वितरण के लिए भेज दिया गया। किताबें मथुरा के प्रमोद प्रिंटर फैक्टरी में छपी हैं। जब इस मामले को लेकर जाओ प्रिंटिंग प्रेस के मालिक प्रमोद गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे यहां केवल कवर छापा गया है। पूरी किताब नहीं छापी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि यह आर्डर उनको बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा नहीं बल्कि मथुरा की ही दूसरी प्रिंटिंग प्रेस हाईटेक प्रिंटर ने दिया था। यह गलती वहीं से आई है, जो शब्द किताब में नहीं छपे हैं। उसके लिए स्टीकर छापे जा रहे हैं।

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