
मेरठ। योगी जी, हमारी आपसे बस यही अपील है कि इन दिनों लॉकडाउन के चलते हमारे पेरेंट्स घर से बाहर अर्निंग के लिए नहीं निकल सकते। ऐसे में उन पर स्कूल वाले फीस का दबाव नहीं बनाएं। ये कहना है कक्षा 10 में पढऩे वाली छात्रा नुपुर का। कुछ ऐसे ही मैसेज और स्लोगल लिए आजकल मेरठ के बच्चे सूबे के मुख्यमंत्री योगी से गुहार लगा रहे हैं। एक अन्य छात्रा माही का कहना है कि स्कूल के ग्रुपों में प्रतिदिन टीचर मैसेज डालती हैं कि स्कूल की फीस पे करो। जब हमारे परिजन बाहर ही नहीं जा पा रहे तो स्कूल की फीस के लिए पैसा कहां से लाएं। बाहर निकलने पर पिताजी को पुलिस पकड़ लेती है। हमारी योगी जी से सिर्फ यही अपील है कि वे स्कूल की फीस माफ करवाएं।
बता दें कि इन दिनों मेरठ प्रशासन की लापरवाही और लचर व्यवस्था के चलते अब स्कूल प्रशासन अभिभावकों को फरमान जारी कर रहे हैं। स्कूल धमकी दे रहे हैं कि अगर बच्चों की स्कूल फीस नहीं जमा की तो बच्चों को आनलाइन क्लास में बैठने से रोक देंगे। मेरठ के अभिभावक अब जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वह इस मामले में हस्ताक्षेप करे। बता दें कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोई भी शैक्षिक संस्थान पेरेंट्स को लॉकडाउन पीरियड के दौरान फीस जमा करने के लिए मजबूर नहीं करेंगे। फीस नहीं जमा करने की स्थिति में छात्रों को ऑनलाइन कोर्स की सुविधा से भी वंचित नहीं किया जा सकता है। वहीं हरियाणा सरकार ने पिछले हफ्ते आदेश दिया था कि लॉकडाउन के समाप्त होने तक स्कूलों में फीस कलेक्शन की सभी गतिविधियों को रोक दिया जाए।
मेरठ पेरेंट्स एसोसिएशन ने भी डीएम अनिल ढींगरा को पत्र लिखा है और लॉकडाउन की अवधि तक स्कूल फीस जमा से राहत दिलाने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने पत्र में कहा है कि चूंकि छोटे और मध्यम उद्यमों से कमाई बंद हो गई है और लोगों ने जो बचाकर रखा था, उसे भी रोजाना की जरूरतों के लिए खर्च कर दिया है, ऐसे में लोगों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
Published on:
24 May 2020, 3:11 PM IST
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