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UP ASSEMBLY ELECTIONS 2022: बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने से पहले देना होगा पार्टी सुप्रीमो के इन प्रश्नों का जवाब

UP ASSEMBLY ELECTIONS 2022: मुख्तार अंसारी का टिकट काटकर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने यह संकेत दे दिए है कि वे दागदार प्रत्याशी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी।
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मेरठ

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Nitish Pandey

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Updated: 15 Sep 2021, 3:40 PM IST

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UP ASSEMBLY ELECTIONS 2022: मेरठ. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 की सरगर्मियां तेजी से बढ़ रही हैं। सत्तारूढ भाजपा के अलावा अन्य दल कांग्रेस, सपा और बसपा भी सत्ता में वापसी के लिए पूरे दमखम के साथ मैदान में हैं। चुनावी समर में उतरने वाली सभी पार्टियों का जोर इस बार इमानदार और साफ सुथरी छवि वाले प्रत्याशी को टिकट देने पर जोर हैं। इसी के तहत बसपा भी अबकी बार अपनी छवि को लेकर सतर्कता बरत रही है।

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बसपा ने बदला टिकट बटवारे का तरीका

मुख्तार अंसारी का टिकट काटकर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने यह संकेत दे दिए है कि वे दागदार प्रत्याशी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी। इसके साथ ही बसपा से टिकट की चाह रखने वाले दावेदार को पार्टी सुप्रीमो के प्रश्नों के जवाब के साथ ही कड़े इंटरव्यू से गुजरना होगा। अगर इंटरव्यू में दावेदार पास हुआ तभी वह पार्टी से टिकट प्राप्त करने का हकदार होगा। इस बार टिकट बंटवारे को लेकर बसपा ने अपना तरीका भी बदल दिया है। पार्टी ने अभी से चुनाव लड़ने के दावेदारों से आवेदन मांगे हैं।

आवेदन के साथ नत्थी करना होगा अपना बायोडाटा

पुरानी बदनामियों से इतर इस बार बसपा में चुनाव लड़ने के दावेदारों से आवेदन मांगे गए हैं। बसपाइयों को एक फार्म दिया गया है। जिसमें आवेदन के साथ उसको अपना बायोडाटा भी देना होगा। बसपा सुप्रीमो ने हाल में ही ये साफ किया था कि बसपा खुद अपने चुनाव में पैसा लगाने वाले उम्मीदवारों को टिकट देती है। बसपा टिकट के बदले किसी से पैसे नहीं लेती है। यह अवश्य है कि सदस्यता के नाम पर कुछ लोगों से मजबूरी में एडवांस पैसे जमा कराने पड़ते हैं। जिससे दूसरे आर्थिक रूप से कमजोर प्रत्याशियों की मदद की जाती है। कार्यकर्ता चंदा कर भी आर्थिक रूप से कमजोर प्रत्याशियों की मदद करते हैं।

सामाजिक सरोकार का भी देना होगा ब्यौरा

इसके अलावा आवेदन के साथ टिकट के लिए उम्मीदवार समाज के लिए क्या किया, बसपा के मिशन मूवमेंट में योगदान, कितने वर्षों का राजनीतिक जीवन, बसपा से जुड़ाव, राजनीति ही क्यों, परिवारिक स्थिति, पेशा, किस विधानसभा से टिकट चाहते हैं, विधानसभा क्षेत्र में किए गए कार्यों का ब्योरा आदि भी देना होगा।

हर विधानसभा से लिए जाएंगे दस दावेदारों के आवेदन

आवेदन के लिए बसपा ने जिला स्तर पर एक कमेटी बनाई है। वह कमेटी आवेदन पर विचार कर चुनाव के लिए बनाई कार्यकारिणी के पास भेजेगी। कार्यकारिणी में शामिल नेता आवेदन करने वाले का इंटरव्यू करेंगे। हर विभानसभा से दस आवेदन लिए जा रहे हैं। कमेटी और कार्यकारिणी दस आवेदकों में से आठ को फेल कर दो को पास करेंगीं फिर ये दो आवेदक नेताओं की कुंडली बसपा प्रमुख मायावती के पास पहुंचेगी। वहां से तय होगा कि कौन चुनाव लड़ने के काबिल है।

साफ-सुथरी छवि के लोगों को ही पार्टी बनाएंगी उम्मीदवार

वरिष्ठ बसपा नेता और कोर्डिनेटर मुनकाद अली ने बताया कि पार्टी साफ-सुथरी छवि के लोगों को ही उम्मीदवार बनाएंगी। उन्होंने बताया कि अभी से टिकट फाइनल करने को लेकर तैयारी जोरों पर हैं। जिससे समय से प्रत्याशी अपने क्षेत्र में जाकर चुनाव की तैयारी में जुट जाए और मजबूती से चुनाव लड़ सकें। उन्होंने बताया कि इस बार दलित और ब्राह्मण उत्पीड़न को पार्टी चुनाव प्रचार में प्रमुखता से उठाएगी।

BY: KP Tripathi

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