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शहीद होने से पहले जेसीओ ने पत्नी को फोन कर जताई थी अपनी इच्छा

शहीद होने से पहले राम सिंह ने सोमवार को अपनी पत्नी अनिता को शाम को आठ बजे फोन किया था और सभी बच्चों के बारे में पूछा था।
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मेरठ

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Nitish Pandey

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Updated: 20 Aug 2021, 4:02 PM IST

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मेरठ. शहीद जेसीओ राम सिंह तो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी पत्नी अनिता भंडारी मोबाइल पर पति द्वारा की गई कॉल्स डिटेल देखकर बार-बार बेहोश हो जाती है। वह गुरुवार से मोबाइल हाथ में लेकर बैठी हैं और कह रही हैं कि उनके पति शहीद नहीं हुए हैं, वे जरूर फोन करेंगे और बच्चों के बारे में पूछेंगे।

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पत्नी से करते थे दिन में दो बार बात

शहीद जेसीओ राम सिंह दिन में दो बार अपने घर फोन कर हाल समाचार लेते थे। शहीद होने से पहले राम सिंह ने सोमवार को अपनी पत्नी अनिता को शाम को आठ बजे फोन किया था और सभी बच्चों के बारे में पूछा था। इतना ही नहीं अंत में जेसीओ ने भी कहा था अब वे छह महीने बाद रिटायर हो जाएंगे तो सभी बच्चों के साथ एक बार घूमने चलेंगे। उन्होंने पत्नी से कहा था कि वे बच्चों से पूछ ले कि कहां घूमने चलना है, लेकिन बच्चों के साथ घूमने जाने से पहले ही उनके पिता ऐसी लंबी यात्रा पर चले गए जहां से वापस नहीं लौटा जा सकता है।

पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल

जेसीओ की पत्नी अनिता का और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटा सोलन भंडारी ने खुद को संभाला हुआ है और अपनी मां और बहनों को दिलासा दिला रहा है। राम सिंह के पांच बच्चों में दो बेटी प्रियंका रावत और करिश्मा नेगी की शादी हो चुकी है। सात साल से उनका परिवार ईशापुरम के बी-28 में रह रहा है। बेटा सोलन एमकॉम की पढ़ाई करते हुए सीडीएस की तैयारी कर रहा है। छोटी बेटी मीनाक्षी और मनीषा पढ़ रही हैं। राम सिंह 27 जुलाई को एक माह की छुट्टी के बाद जम्मू गए थे। वे राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट में तैनात थे, इसलिए आतंकी ऑपरेशन में उनका अक्सर आना-जाना रहता था।

मिली थी घायल होने की जानकारी

बेटा सोलन का कहना है कि पिता आतंकी ऑपरेशन में जाते रहते थे। वहां से वापस लौटकर फोन कर सेना के ऑपरेशन की जानकारी देते थे। इस बार भी वे सभी पिता के फोन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन फोन आर्मी क्वार्टर से आया जिसमें पिता के घायल होने की जानकारी दी थी। उसके कुछ घंटे बाद उनके शहीद होने की जानकारी दी गई।

BY: KP Tripathi

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