
मेरठ. श्मशान घाट पर पिता की चिता देखकर बेटी रो रही थी और यही कह रही थी कि घर से मेरे पापा ठीक-ठाक गए थे। उन्हें अचानक से अस्पताल में क्या हो गया। उसने आरोप लगाए कि उसके पिता को मेडिकल में ठीक समय पर उपचार नहीं मिल सका, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। युवती ने रोते हुए बताया कि उसके पिता को कुछ नहीं हुआ था। हल्का सा बुखार आया था।
सूरजकुंड श्मशान घाट पर मृतक के भाई, पत्नी, बेटी और भाभी आदि पारिवारिक सदस्य मौजूद थे। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस श्मशान घाट में पहुंची तो महिलाएं व अन्य स्वजन अचानक शव की तरफ लपके, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। बेटा और भाई शव को चिता स्थल तक ले गए। मुखाग्नि के समय बेटी की वेदना का ज्वार फूट पड़ा। बुरी तरह बिलख रही मां को मजबूती से संभाले उसके हाथ अचानक उठे और जलती चिता पर लेटे पिता के शव को हाथ हिलाकर अंतिम विदाई देने लगे। इसी तरह मां ने भी अंतिम विदाई दी।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पूर्वा शेखलाल सुभाष नगर निवासी 60 वर्षीय टैक्सी चालक की रात मेडिकल में मौत हो गई। संपूर्ण लाॅकडाउन होने के चलते गत सोमवार को उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। जहां पर उनका इलाज चल रहा था। उनका कोरोना टेस्ट जांच को भेजने में भी काफी देरी की गई। शुक्रवार शाम आई रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित आए। देर रात मेडिकल प्रशासन ने परिजनों को फोन कर उनकी मौत की सूचना दी। मृतक के परिवार के छह पुरुष सदस्य शनिवार सुबह बॉडी लेने मेडिकल अस्पताल पहुंच गए। वह शव को एम्बुलेंस में लेकर सीधे सूरजकुंड श्मशान पहुंचे। इधर, परिवार की पांच महिलाएं भी श्मशान आ गईं।
उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम सबको क्वारंटाइन करने घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। टीम के साथ पार्षद पवन चौधरी ने परिवार की तलाश शुरू कर दी। उन्हें ढूंढते हुए मेडिकल टीम सूरजकुंड श्मशान पर पहुंच गई। यहां महिलाएं रिक्शे से गेट पर उतरती हुई मिली। जहां अंतिम संस्कार के बाद सबको एम्बुलेंस में बैठा लिया गया। एंबुलेंस यहां से सभी 11 सदस्यों को ट्रांसलेम एकेडमी में बनाए क्वारंटाइन सेंटर में लेकर पहुंची। अब इनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
Published on:
31 May 2020 01:06 pm
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