Coronavirus: अगस्ता वेस्टलैंड केस का आरोपी मिशेल ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, मांगी अंतरिम जमानत

  • कोरोना वायरस का खतरा बताकर मांगी जमानत
  • वकील ने कोर्ट के सामने उम्र का दिया हवाला
  • सीबीआई और ईडी कोर्ट से जमानत नहीं देने की अपील की

नई दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल (Agustawestland case middleman christian michel ) गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) में अंतरिम जमानत के लिए पहुंचा। कोविड-19 संक्रमण के आधार पर उसने सीबीआई और ईडी केस के खिलाफ जमानत मांगी है।

वकील अल्जो के जोसेफ की ओर से लगाई गई याचिका में लिखा है कि याचिकाकर्ता 59 साल का है और बीमार है। उसकी उम्र और बीमारी उसे इस संक्रमण के लिए अन्य कैदियों की तुलना में अधिक संवेदनशील बना रही है।

तिहाड़ जेल में बंद है आरोपी मिशेल

लिहाजा, मौजूदा हालात को देखते हुए भीड़-भाड़ वाले जेलों में रखना उचित नहीं है। ऐसे में उसे और उसके जैसी स्थिति वाले कैदियों को कोर्ट जमानत दे। उसने कहा कि वह उसकी गिरफ्तारी के दिन से न्यायिक हिरासत में है। पूरी कार्यवाही के दौरान वह सम्मानजनक और विनम्रता से पेश हुआ है।

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मिशेल को पिछले साल दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और वर्तमान में वह हेलिकॉप्टर सौदे में कथित तौर पर की गई अनियमितताओं के मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। जबकि सीबीआई एक 'बिचौलिए' के रूप में सौदे में उसकी कथित भूमिका की जांच कर रही है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है।

CBI और ED ने जमानत नहीं देने की अपील की

वहीं सीबीआई और ईडी कोर्ट से पहले ही जमानत नहीं देने की अपील कर चुका है। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों के संबंध कई बड़े लोगों से ऐसे में जमानत पर आरोपी अगर बाहर आता है तो केस प्रभावित हो सकता है। बता दें कि 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदा मामले में हाल में रितुल पुरी को जमानत मिल चुकी है।

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कोरोना को लेकर तिहाड़ जेल से रिहा होंगे सैकड़ों कैदी

बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना को देखते हुए कुछ विचाराधीन कैदी को छोड़ने को कहा था। उसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने लिखित आदेश जारी कर कहा था कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विचाराधीन कैदियों को छुट्टी दी जाएगी। इसमें 1500 से ज्यादा कैदी रिहा होने वाले हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। सरकार प्रशासन और लोग दूरी बनाकर रह रहे हैं। इसी के मद्देनजर तिहाड़ जेल प्रशासन ने रिहा करने का फैसला किया था।

Prashant Jha
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