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Assam: क्वारंटाइन सेंटर को डिटेंशन कैंप से खराब बताने पर AIUDF विधायक अमीनुल इस्लाम गिरफ्तार

असम में ढिंग निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं अमीनुल इस्लाम असम पुलिस ने विधानसभा अध्यक्ष को गिरफ्तारी के बारे में सूचना दी इससे पहले भी विवादित वीडियो पोस्ट कर चुके हैं एआईयूडीएफ के विधायक
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नई दिल्ली। असम पुलिस ने कोरोना का इलाज करने के लिए बनाए गए क्वारनटाइन सेंटरों की हालत को डिटेंशन सेंटरों से भी ज्यादा खराब बताने के आरोप में अखिल भारतीय संयुक्त गणतांत्रिक मोर्चा ( AIUDF ) के विधायक अमीनुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। असम के पुलिस प्रमुख ज्योति महंत ने बताया है कि ढिंग निर्वाचन क्षेत्र से एआईयूडीएफ के विधायक अमीनुल इस्लाम को प्राथमिक जांच के बाद मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया।

प्रदेश पुलिस प्रमुख ने बताया कि एआईयूडीएफ विधायक की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। वायरल वीडियो में वह एक अन्य व्यक्ति के साथ बातचीत में कहते हैं कि क्वारंटाइन सेंटर की हालत डिटेंशन सेंटर से भी बदतर है। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि वहां रहने की सुविधा डिटेंशन सेंटर से बदतर है और खाना-पानी भी सही से नहीं दिया जा रहा।

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प्रदेश पुलिस प्रमुख ने कहा है कि विधायक के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि असम विधानसभा अध्यक्ष को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ( AIUDF ) के विधायक अमीनुल इस्लाम सोशल मीडिया पर इससे पहले भी कई भड़काव पोस्ट कर चुके हैं। उन्होंने वीडियो पोस्ट में कोविड -19 रोगियों और दिल्ली में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लेने वालों से निपटने के सरकार के तरीकों पर भी सवाल उठाए थे।

विरोधी दल के विधायक अमीनुल इस्लाम का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथिततौर पर कहते हैं कि कोविड-19 की आड़ में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने की साजिश है। जो लोग क्वारंटाइन हैं, उन्हें मार दिया जाएगा। ऑडियो क्लिप में यह भी कहते हुए सुनाई दे रहे है कि क्वारंटाइन सेंटर्स डिटेंशन सेंटर से भी बदतर हैं। मैंने सुना है कि जो लोग एक या दो महीने पहले तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उन्हें क्वारंटाइन में रखा गया है और उनके परिवार के सदस्यों को उनके पास जाने की अनुमति नहीं है।

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5-10 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर में एक कमरे में रखा जा रहा है। उन्हें सिर्फ एक तकिया और गद्दा दिया गया है। उन्हें मच्छरदानी भी नहीं दी गई है। उन्हें उचित तौर पर खाना-पानी भी नहीं दिया जा रहा है।

बता दें कि असम में कोरोना वायरस के अब तक 26 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 25 मामले तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। कोरोना के मरीजों का इलाज असम के कई सरकारी अस्पतालों में हो रहा है। उन लोगों के संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटाइन में रखा गया है।