
बिहार रेल हादसा: ट्रेन में सवार लोगों के लिए देवदूत बने गांव वाले, बचाई लोगों की जान
नई दिल्ली। बिहार के वैशाली जिले में रविवार को बड़ा रेल हादसा हो गया। यहां दिल्ली-सीमांचल एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि पहले 9 डिब्बे ट्रैक से उतरने की खबर सामने आई थी। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। रेलवे ने दावा किया है कि यह हादसा टूटी हुई पटरी की वजह से हुआ है। इसके साथ ही रेलवे ने दुर्घटना में किसी साजिश से भी इनकार नहीं किया गया है। वहीं, सरकार ने मृतकों को पांच-पांच लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।
यहां सबसे बड़ी बात यह कि दिन के सुबह 4 बजे के आसपास हुए हादसे में आसपास के गांव वाले दूवदूत बनकर घटनास्थल पर पहुंच गए। यहां गांव वालों ने बिना किसी मदद के इंतजार के ट्रेन से घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। ट्रेन में सवार लोगों की मदद को आगे आए गांव वालों ने डिब्बों में फंसे महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर ले गए। इसके साथ ही गांव वालों ने घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के साथ रेलवे वाले स्वास्थ्य विभाग को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम ने घायलों को लेकर हॉस्पिटल पहुंची और लोगों की जान बचाई जा सकी।
डीआईजी (रेल) बी.एन. झा ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ लोग अभी भी दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों के अंदर फंसे हुए हैं। रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, बिहार के जोगबनी से दिल्ली जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस वैशाली के शेड्स बुर्जुर्ग रेलवे स्टेशन के पास सुबह तीन से चार बजे के बीच पटरी से उतर गई। पूर्व मध्य रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
Updated on:
03 Feb 2019 03:05 pm
Published on:
03 Feb 2019 09:39 am
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