
नई दिल्ली। पहली बार चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट के अवकाश पीठ का हिस्सा होंगे। इस अभूतपूर्व घटनाक्रम में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की बेंच 25 से 30 मई के दौरान की मामलों की सुनवाई करेगी। बता दें कि प्रधान न्यायाधीश लोकसभा चुनाव के 23 मई को आने वाले नतीजे के बाद सरकार बनने को लेकर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने के मद्देनजर सर्वोच्च न्यायालय की अवकाश पीठ में शामिल रहेंगे।
13 मई से लेकर 30 जून तक ग्रीष्मावकाश
सुप्रीम कोर्ट में 13 मई से लेकर 30 जून तक वार्षिक ग्रीष्मावकाश रहेगा। इसके बाद एक जुलाई से शीर्ष अदालत का नियमित कार्य दोबारा शुरू होगा। बता दें कि ग्रीष्मावकाश के दौरान शीर्ष अदालत की अवकाश पीठ हर साल कार्य करती है, लेकिन प्रधान न्यायाधीश कभी इस पीठ की अध्यक्षता नहीं करते हैं।
होगी कई अहम मसलों की सुनवाई
साल 2019 के लिए अवकाश पीठ की अधिसूचना के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश गोगोई, न्यायमूर्ति एम. आर. शाह 25 मई से 30 मई तक अवकाश पीठ में शामिल रहेंगे। यह पीठ कई अहम मसलों और अन्य नियमित मामलों की सुनवाई करेगी। सर्वोच्च न्यायालय की अधिसूचना के अनुसार, न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 13 मई से लेकर 20 मई तक पहली पीठ का हिस्सा होंगे और दूसरी पीठ के लिए 21 मई से 24 मई तक के लिए न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह को मनोनीत किया गया है।
Updated on:
11 May 2019 06:47 pm
Published on:
11 May 2019 06:47 pm
