scriptCOVID-19: Monoclonal Antibody cocktail therapy given to Donald Trump begins in Delhi | COVID-19: दिल्ली में शुरू हुई डोनाल्ड ट्रंप को दी जा चुकी MAC थेरेपी | Patrika News

COVID-19: दिल्ली में शुरू हुई डोनाल्ड ट्रंप को दी जा चुकी MAC थेरेपी

locationनई दिल्लीPublished: Jun 02, 2021 01:39:59 am

कोरोना वायरस के हल्के से मध्यम लक्षणों वाले ऐसे मरीज, जिनमें बीमारी के गंभीर रूप से तब्दील होने का बेहद जोखिम होता है, उनके लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल थेरेपी की मंजूरी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने दे दी है।

COVID-19: Monoclonal Antibody cocktail therapy given to Donald Trump begins in Delhi
COVID-19: Monoclonal Antibody cocktail therapy given to Donald Trump begins in Delhi

नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर पिछले कुछ दिनों से थमती नजर आ रही है, लेकिन सरकार अगली वेव से पहले पूरी तैयारी में जुटी हुई है। वहीं, दवा कंपनियां और वैज्ञानिक भी इस वायरस के खिलाफ कारगर दवा और इलाज खोजने में लगे हैं। ऐसे में मंगलवार को दिल्ली में हल्के से मध्यम कोरोना मरीजों के इलाज में काम आने वाली मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल थेरेपी शुरू कर दी गई है। यह थेरेपी उस वक्त काफी चर्चा में आई थी जब अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें दी गई थी।

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राजधानी दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों को मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल (MAC) थेरेपी दी गई। अस्पताल के मुताबिक इस थेरेपी के तहत कैसिरिविमैब और इमडेविमैब के कॉम्बिनेशन को दिया जा रहा है। इसकी एक डोज का अधिकतम खुदरा मूल्य 59,750 रुपये है।

हालांकि अस्पताल प्रशासन ने यह भी बताया कि इस थेरेपी को कोरोना के हल्के से लेकर मध्यम लक्षणों वाले उन मरीजों को दिया जा रहा है, जिनमें गंभीर रूप से बीमार होने का जोखिम काफी ज्यादा है। अस्पताल इस थेरेपी से पहले मरीजों की स्वीकृति भी ले रहा है।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के मुताबिक इस थेरेपी के लिए कोरोना वायरस के अत्यधिक जोखिम वाले मरीज की आयु 12 वर्ष से ज्यादा और वजन 40 किलोग्राम से ज्यादा होना चाहिए।
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सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन (बीओएम) डीएस राणा ने कहा, "रोशे या सिपला कंपनी द्वारा किए गए दावे के मुताबिक हमें उम्मीद है कि MAC कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कारक बनेगी और इस बीमारी को ज्यादा गंभीर रूप से बढ़ने से रोकने में कारगर होगी।"
भारत में इस एंटीबॉडी थेरेपी को सबसे पहले गुरुग्राम में एक 84 वर्षीय पुरुष मरीज को दिया गया था और वह बीते 27 मई को अपने घर लौट गए हैं। इसके सकारात्मक नतीजे देखने के बाद डीसीजीआई ने भारत में इसके इस्तेमाल की मंजूरी दी है।
बता दें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान कोराना वायरस के 1,27,510 नए मामले रिकॉर्ड किए हैं, जो बीते 51 दिनों में रिपोर्ट किए गए सबसे कम केस हैं। इसके साथ ही देश में अब तक कोरोना से संक्रमितों का कुल आंकड़ा 2,81,75,044 पहुंच चुका है और फिलहाल 43 दिन बाद एक्टिव केस लोड 20 लाख से कम है।

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