Supreme Court पहुंचा लाल किले पर प्रदर्शनकारियों के झंडा फहराने का मामला, सीजेआई से की गई ये मांग

  • लाल किले पर दूसरे समुदाय के झंडे फहराने का मामला पहुंचा Supreme Court
  • मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने लाल किले की प्राचीर पर फहराया था झंडा
  • सीजेआई एसए बोबड़े से की गई कड़ी कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड ( Tractor Parade ) के दौरान लाल किले ( Red Fort ) की प्राचीर पर प्रदर्शनकारियों की ओर से झंडा फहराए जाने का मामला अब देश के सर्वोच्च न्यायाल ( Suprme Court ) तक पहुंच गया है।

दरअसल मंगलवार गणतंत्र दिवस के मौके पर विभिन्न किसान संगठनों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। जैसे-जैसे रैली आगे बढ़ी वैसे-वैसे इसने उग्र रूप ले लिया। कई जगहों पर पुलिस और किसानों के बीच हिंसक झड़प भी हुई । इसके बाद कुछ किसानों ने लाल किले पर चढ़ाई करते हुए यहां झंडा फहरा दिया। इसी मामले को लेकर एक कानून के छात्र ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला...

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नए कृषि कानून के विरोध में किसानों का प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। उपद्रवियों ने ना सिर्फ दिल्ली के विभिन्न इलाकों बल्कि राष्ट्रीय धरोहर लाल किले को भी नहीं बख्शा। यहां कई प्रदर्शनकारी पहुंचे और किसी दूसरे समुदाय का झंडा फहरा दिया।

लाल किले पर किसी दूसरे समुदाय का झंडा फहराने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां इस पर सियासत गर्मा रही है वहीं दूसरी तरफ कानून के छात्र ने सीजेआई को एक पत्र लिखकर दूसरे समुदाय का झंडा फहराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेने मांग की है।

मुंबई विश्वविद्यालय के कानून के छात्र आशीष राय की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी 2021 को किसानों के एक समूह द्वारा आयोजित ट्रैक्टर रैली में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आतंक फैलाया गया।

पत्र में यह भी कहा गया कि जिस तरह से लाल किले में भारत के राष्ट्रीय ध्वज की जगह किसी अन्य समुदाय के झंडे के लहराने से देश के सम्मान और गरिमा को चोट पहुंची।

यह एक शर्मनाक घटना है। इस घटना से पूरा देश भी आहत है क्योंकि इस घटना से देश के संविधान के साथ साथ राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान हुआ है।

देश की भक्ति भावना को ठेस पहुंचाई गई है। इसलिए इस तरह की गतिविधि भारतीय नागरिक की संवैधानिक भावनाओं को नुकसान पहुंचाती है।

सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले पर एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि इस असंवैधानिक गतिविधि में शामिल असामाजिक तत्व के खिलाफ जांच की जा सके और आरोपियों को दंडित किया जा सके।

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आपको बता दें कि किसानों को रोकने की कोशिश करने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और रॉड और तलवारों से हमला किया। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें 26 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मामले में 20 से ज्यादा एफआइआर दर्ज की गई हैं।

हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। साथ ही कई इलाकों में इंटरनेट सेवा भी बंद है।

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धीरज शर्मा
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