हरियाणा में रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर सरकार सतर्क, बिना आधार के नहीं मिलेगी दवा

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने दवा की कालाबाजारी के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

नई दिल्ली। हरियाणा में रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अनुसार प्रदेश में रेमडेसिविर के दो डिपो हैं। वहां ड्रग अधिकारियों को तैनात किया गया है। हर शीशी के खरीद पर पैनी नजर रखी जा रही है।

दवा बेचने वालों को सर्तक करा गया है कि यदि कोई रेमडेसिविर मांगे तो उसका आधार कार्ड अवश्य जांच ले। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने दवा की कालाबाजारी के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

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हरियाणा में कोरोना संक्रमितों के साथ यूके स्ट्रेन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली स्थित लैब में भेजे गए करीब 40 हजार नमूनों में से 252 में यूके स्ट्रेन के मामले सामने आए हैं। ये मामले अधिकतर एनसीआर और जीटी बेल्ट के जिलों से मिल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसकी पुष्टि की है।

बीते सप्ताह तक नए स्ट्रेन के मात्र 12 मामले ही थे। इनमें से 10 करनाल और 2 गुरुग्राम से सामने आए थे। चार-पांच दिन में ही यूके स्ट्रेन के मामले 21 गुना बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार नए स्ट्रेन से घबराने की आवश्यकता नहीं हैं।

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300 लोगों को जान गंवानी पड़ी

राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों ये दिखाते ही यहां पर 31 मार्च को संक्रमण के मामलों की संख्या 2,90,800 थी, जो 19 अप्रैल तक बढ़कर 3,63,813 पहुंच गई है। इस अवधि में संक्रमण के कारण करीब 300 लोगों को जान गंवानी पड़ी। कुल मिलाकर राज्य में संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या 3,155 से बढ़कर 3,448 तक पहुंच गई है। गौरतलब है कि हरियाणा में 17 अप्रैल को एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 7,717 मामले आ चुके हैं।

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Mohit Saxena
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