कश्मीर मुद्दे पर इस्तीफा देने वाले IAS को लाइब्रेरी जाने से रोका

  • पूर्व IAS अधिकारी ने ट्वीट करके दी घटना की जानकारी
  • छात्रों को लेक्चर देने गए थे गोपीनाथन
  • मना करने पर छात्रों से कैंटीन में जाकर की बातचीत

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद मचे घमासान के दौरान लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन को लेकर इस्तीफा देने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नान गोपीनाथन ने दावा किया है कि उन्हें लाइब्रेरी जाने से रोका गया। गोपीनाथन ने ट्वीट करके कहा कि- यहां सावित्रीबाई फुले पुणे युनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में जाने से उन्हें रोका गया। बहरहाल, जयकार नॉलेज सिसोर्स सेंटर के अधिकारियों ने कहा कि गोपीनाथन से सोमवार को पुस्तकालय में जाने के लिए आवेदन करने को कहा गया था। संस्थान प्रक्रिया का पालन कर रहा था।

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ट्वीट में गोपीनाथन ने लिखा- ‘पुणे विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुझे जयकार पुस्तकालय में बुलाया और कहा कि वहां पर बहुत सारे छात्र यूपीएससी की तैयारी करते हैं और वहां मुझसे मिलना पसंद करेंगे। तब पुस्तकालय प्रभारी को अहसास हुआ कि मैं कौन हूं और उन्होंने मुझसे मेरे पुस्तकालय में प्रवेश करने के लिए विचार करने के लिए एक आवेदन देने को कहा।’

गोपीनाथन ने लिखा है कि- ‘तब छात्रों ने बताया कि नियम के मुताबिक, विश्वविद्यालय/छात्रावास में सरकार के खिलाफ कोई भी राजनीतिक गतिविधि की इजाजत नहीं है। बहरहाल, प्रवेश से रोकने पर अच्छा नहीं लग रहा है। लेकिन नया अनुभव है। सब अच्छा है।’

गोपीनाथन ने ट्विटर पर एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि वह सोमवार दोपहर को ही पुणे से रवाना हो गए थे और शहर वापस जरूर आएंगे। तब मिलेंगे।’

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गोपीनाथन ने कहा कि छात्र और लाइब्रेरी के अधिकारियों के बीच तीखी बहस और तकरार के बाद वहां जाने का विचार उन्होंने छोड़ दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय की एक कैंटीन में छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा, मैं शहर में व्याख्यान देने के लिए गया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- गोपीनाथन ने कहा कि कुछ छात्र उन्हें युनिवर्सिटी दिखाना चाहते थे। मुझे ये भी बताया गया कि यहां की लाइब्रेरी बहुत अच्छी है। बहुत सारे छात्र यूपीएससी और अन्य लोक सेवाओं की परीक्षाओं की तैयार करते हैं। उन्होंने कहा, मुझे बताया गया कि ये छात्र मुझसे बात करना पसंद करेंगे।

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Navyavesh Navrahi
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