गृहमंत्री अमित शाह बोले, ड्रोन चुनौती से निपटने की लिए बनाएंगे स्वदेशी तकनीक

गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक समारोह में शिरकत करते हुए कहा कि हमारे सामने कई चुनौतियां हैं लेकिन हम इनके लिए तैयार हैं और मुझे अपने अर्धसैनिक बलों पर पूरा भरोसा है।

नई दिल्ली। दिल्ली के विज्ञान भवन में बीएसएफ की ओर से 18वें अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें देश के गृहमंत्री अमित शाह ने देश के शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान गृहमंत्री ने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बैगर हमला बोलते हुए कहा, 'आपने देखा होगा कि ड्रोन भेजे जा रहे हैं, सुरंगें बनाई जा रही हैं। लेकिन हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं और देश के खिलाफ उठ रही आवाजों को करारा जवाब मिलेगा।'

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अमित शाह: अर्धसैनिक बलों पर पूरा भरोसा

अमित शाह ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के समारोह में शिरकत करते हुए कहा, 'बीएसएफ और सीमाओं की सुरक्षा करने वाले जवानों ने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है और अर्धसैनिक बलों के दम पर भारत ने पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है।'

शाह ने कहा कि, 'सीमा सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है और हमारे सामने कई चुनौतियां हैं लेकिन मुझे अपने अर्धसैनिक बलों पर पूरा विश्वास है।'

ड्रोन चुनौती से निपटने के लिए स्वदेशी तकनीक करेंगे विकसित:शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं उन लोगों को सलाम करता हूं जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया है। आप के सतर्क रहने के कारण ही आज देश लोकतंत्र अपनाए हुए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। जिन्होंने बलिदान दिया है, उनके बलिदान को कभी नहीं भूला जा सकता।'

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घाटी में बढ़ती ड्रोन गतिविधियों को लेकर शाह ने कहा, 'हमारा अगला लक्ष्य ड्रोन जैसी चुनौतियों से निपटना है और हम इन चुनौतियों का सामना करने के लिए जल्द स्वदेशी तकनीक विकसित करेंगे।'

शाह: मोदी ने दी स्वतंत्र रक्षा नीति

अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा, 'पीएम मोदी ने शुरू से ही सीमा के मूलभूत ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है क्योंकि जिस देश की सीमा सुरक्षित होती है वो देश सुरक्षित होता है।' शाह ने आगे कहा, 'नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वतंत्र रक्षा नीति बनी है इसलिए अब हमारी संप्रभुता से कोई छेड़खानी नहीं कर सकता।'

बता दें कि बीएसएफ द्वारा उनके प्रथम महानिदेशक और पद्म भूषण से सम्मानित हो चुके केएफ रुस्तम की जयंती पर अलंकरण समारोह आयोजित किया जाता है। इस समारोह की शुरुआत साल 2003 में हुई थी और तब से यह वर्ष दर वर्ष मनाया जाता है।

Ronak Bhaira
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