Farmer Protest: आंदोलन के चलते रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें, इन रूट्स पर पड़ा असर

  • Farmer Protest के बीच ट्रेनों पर पड़ा सीधा असर
  • किसानों के प्रदर्शन के बीच रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें

नई दिल्ली। कृषि कानून ( Farm Bill ) के खिलाफ एक बार फिर देश का अन्नदाता सड़कों ( Farmer Protest ) पर है। अपनी मांगों को लेकर किसान देश के कई हिस्सों में जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा के किसान राजधानी दिल्ली की बॉर्डर पर पुलिस बल का सामना कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द उनकी बात सुने और उनके हक में फैसला ले।

वहीं किसानों के इस प्रदर्शन का व्यापक असर रेल परिसंचालन पर भी पड़ा है। दरअसल पंजाब में दो महीने के बाद पिछले हफ्ते ही मालगाड़ियों का संचालन शुरू हुआ था, लेकिन एक सप्ताह में ही किसान आंदोलन के कारण भारतीय रेलवे ( Indian Railway ) ने फिर कुछ ट्रेनों को रद्द ( Train Cancelled ) कर दिया है।

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आप भी यात्रा करने वाले हैं तो जान लें कि किन ट्रेनों को कैंसिल किया गया है और किन रूट पर इसका असर पड़ा।

एक बार फिर देश में ट्रेन सर्विस प्रभावित है। पंजाब किसान आंदोलन (Farmers Agitation) के चलते रेलवे ने कई त्योहार स्पेशल, यात्री स्पेशल और पार्सल एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया गया है।

इन ट्रेनों को किया गया रद्द
ट्रेन नंबर 02926 अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस विशेष एक्सप्रेस शुक्रवार यानी 27 नवंबर को अमृतसर से चंडीगढ़ के बीच रद्द रहेगी। रेलगाड़ी संख्या 02017/02018 नई दिल्ली-देहरादून-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस स्पेशल भी 27 नवंबर को रद्द रहेगी। वहीं रेलगाड़ी संख्या 04887/04888 बाड़मेर-ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस स्पेशल दिनांक 27.11.20 को कैंसिल कर दी गई है।

इसके अलावा रेलगाड़ी संख्या 02091/02092 काठगोदाम-देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस स्पेशल भी 27 नवंबर को रद्द रहेगी।

इस ट्रेन का बदला रूट
जबकि स्पेशल पार्सल एक्सप्रेस नंबर 0465004674 अमृतसर-जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस का रूट 27 नवंबर को परिवर्तित किया गया है। अब ये ट्रेन अमृतसर-तरन तारन-व्यास से होकर चलेगी।

आपको बता दें कि 21 नवंबर को पंजाब सीएम अमरिंदर सिंह और प्रदर्शनकारी किसान संगठन के बीच बातचीत के बाद रेलवे ट्रैक खाली करने और रेल सेवा शुरू होने पर सहमति बनी थी। हालांकि किसान संगठनों ने सिर्फ 15 दिन के लिए ही यात्री ट्रेन सेवा बहाल करने की सहमति दी थी।

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इस दौरान किसान संगठनों का कहना था कि अगर सरकार ने कृषि कानून वापस लेने की मांग को पूरा नहीं किया तो आंदोलन दोबारा शुरू करेंगे। यही वजह है कि किसानों ने आंदोलन को उग्र रूप दे दिया और माना जा रहा है कि ऐसे ही जारी रहा तो आने वाले दिनों और भी ट्रेनों पर असर पड़ सकता है।

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धीरज शर्मा
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