International Dog Day 2020: हार्ट और डायबिटीज जैसी बीमारियों के खतरे से भी दूर रखते हैं डॉग

  • दुनियाभर में 26 अगस्त को मनाया जाता है International Dog Day
  • Dog पालने वाले लोगों में कम होता है हार्ट और डायबिटीज की बीमारी का खतरा
  • 2004 में एनिमल वेलफेयर एडवोकेट और पेट लाइफस्टाइल एक्सपर्ट कॉलीन पेज ने अमरीका में की थी शुरुआत

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में 26 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय डॉग दिवस ( International Dog Day ) मनाया जाता है। दरअसल दुनियाभर के जानवरों में डॉग ही ऐसा जानवर है जिसे वफादार कहा जाता है। समय-समय पर डॉग ( Dog ) अपनी वफादारी साबित भी कर देता है। कई बार तो अपनी जान पर खेल कर भी मालिक या यूं कहें अपने दोस्त की जान भी बचा लेता है।

यही वजह है कि डॉग को लेकर दुनियाभर में तमाम तरह के शोध भी हुए हैं। खास बात यह है कि इन शोधों में कई ऐसी जानकारियां भी मिली हैं जो बताती हैं कि डॉग के रहने से ना सिर्फ आप सुरक्षित बल्कि सेहमंद भी रह सकते हैं। एक शोध के मुताबिक डॉग के रहने से हार्ट ( Heart Desease ) की बीमारी की खतरा कम हो जाता है।

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डॉग और इंसान के संबंध में कई तरह के शोध सामने आते रहते हैं। इन्हीं में से एक शोध में बड़ा खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने शोध में यह पाया है कि डॉग के मालिक को दिल की बीमारी का खतरा कम होता है। अगर आपको एक बार हार्ट की कोई बीमारी हो चुकी है तो भी आपकी लाइफ को एक्टिव करने के लिए डॉग पालना फायदेमंद हो सकता है।

यही नहीं शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि डॉग जिनके घरों में रहते हैं या जिनके साथ होते हैं उन इंसानों की फिजिकल एक्टिविटी भी बढ़ती है।

मधुमेह का खतरा भी होता है कम
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि डॉग पालने वालों में डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। या फिर जो डायबिटीज के रोगी होते हैं उनकी मधुमेह नियमंत्रण में रहने की उम्मीद ज्यादा होती है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक डायबिटीज में अगर आप एक कुत्ते के मालिक हैं तो उसके साथ एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाते हैं तो ये आपके लिए फायदेमंद साबित होती है। इससे आपको तेज चलने और दौड़ने में मददगार होता है।

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सक्रिय रखते हैं डॉग
वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि डॉग पालने वाले अन्य लोगों के मुकाबले कुछ ज्यादा सक्रिय होते हैं।
दिनभर करवाता है कसरत
दरअसल डॉग पालने वालों की लाइफस्टाइल में एक्टिविटीज बढ़ जाती हैं। इन एक्टिविटीज के बढ़ने से फिटनेस बनी रहती है। यही वजह है कि लाइफस्टाइल बिगड़ने की वजह से होने वाली बीमारियों से बचाव हो जाता है।
2000 लोगों को किया शामिल
इस शोध में दो हजार लोगों को शामिल किया गया था। रिसर्च में शामिल लोगों की औसत आयु 24 से 65 साल के बीच थी। इस शोध में ये पाया गया कि जिन लोगों ने डॉग पाल रखे थे उनकी सेहत अन्य के मुकाबले बेहतर थी। इनमें बड़ी बीमारियों के खतरे भी काफी कम थे।
ऐसे हुई इंटरनेशनल डॉग डे की शुरुआत
दरअसल वर्ष 2004 में एनिमल वेलफेयर एडवोकेट और पेट लाइफस्टाइल एक्सपर्ट कॉलीन पेज ने अमेरिका में 26 अगस्‍त को नेशनल डॉग डे की शुरुआत की थी।

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धीरज शर्मा
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