शकुंतलादेवी की तरह हैदराबाद के नीलकंठ भी हैं अंकों के जादूगर, जीता सबसे तेज Human Calculator का खिताब

  • Hyderabad के Neelkanth Bhanu Prakash ने जीता दुनिया के सबसे तेज Human Calculator का खिताब
  • London में 15 अगस्त को आयोजित की Competition में 13 देशों के प्रतियोगियों ने लिया था हिस्सा
  • 4 विश्व रिकॉर्ड और 50 लिम्का रिकॉर्ड भी जीत चुके हैं नीलकंठ

नई दिल्ली। हाल में प्रदर्शित हुई फिल्म शकुंतला देवी ( Shakuntala Devi ) तो आपने देखी होगी। यह फिल्म में आंकड़ों की जादूगर शुकंतला देवी के जीवन पर आधारित है। दरअसल आमतौर पर जिन गणित ( Maths ) के अंकों से ज्यादातर लोग भागते या डरते हैं वही अंक शुकंतला देवी के लिए किसी खेल की तरह थे। यही वजह है कि उन्हें कम्प्यूटर ( Computer ) से भी तेज ह्यूमन कैलकुलेटर ( Human Calculater ) कहा जाता था। लेकिन शकुंतला की तरह ही देश के 21 वर्षीय नीलकंठ ( Neelkanth ) भी किसी से कम नहीं हैं।

नीलकंठ भी अंकों के उसी तरह से जादूगर हैं जैसी शकुंतला देवी थीं। हाल में नीलकंठ ने लंदन में आयोजित एक प्रतियोगिता को जीतकर दुनिया के सबसे तेज ह्यूमन कैलकुलेटर का खिताब भी अपने नाम किया है। नीलकंठ की इस उपलब्धि ने एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाया है।

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अंकों के जिस जंजाल से आमतौर पर ज्यादातर भागते या डरते नजर आते हैं। उन्हीं अंकों की जादूगरी के लिए मशहूर हैं नीलकंठ भानु प्रकाश। नीलकंठ ने हाल में लंदन में हुई माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड ( MSO ) में मानसिक गणना विश्व चैम्पियनशिप जीत ली है। नीलकंठ ने भारत के लिए स्वर्ण जीत कर देश का गौरव बढ़ाया है।

हैदराबाद के रहने वाले नीलकंठ भानु प्रकाश महज 21 वर्ष के हैं लेकिन बड़े से बड़ा और जटिल से जटिल कैलकुलेशन वे पलक झपकते ही कर डालते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में गणित (ऑनर्स) के छात्र नीलकंठ भानु प्रकाश विश्व रिकॉर्ड के साथ दुनिया में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर होने के लिए 50 लिम्का रिकॉर्ड भी जीता है।

नीलकंठ के मुताबिक उन्होंने देश को गणित के वैश्विक स्तर पर जगह दिलाने के लिए पूरा प्रयास किया और इसमें सफल भी रहे।

नीलकंठ बताते हैं वे दुनिया में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर होने के लिए 4 विश्व रिकॉर्ड और 50 लिम्का रिकॉर्ड भी जीत चुके हैं।

नीलकंठ बताते हैं कि उनका मस्तिष्क एक कैलकुलेटर की गति से तेज गणना करता है। इन रिकॉर्ड्स को तोड़ने की काबीलियत स्कॉट मैन्सबर्ग और शकुंतला देवी जैसे मैथ मैस्ट्रोस के पास है।

15 अगस्त को हुई प्रतियोगिता
MSO वर्ष लंदन में आयोजित की जाती है। इस बार ये प्रतियोगिता 15 अगस्त को आयोजित की गई थी। नीलकंठ इस प्रतियोगिता में 65 अंकों से जीते।

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13 देशों के प्रतियोगियों ने लिया हिस्सा
इस कॉम्पटिशन में 13 देशों के 29 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया था। खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता में 57 वर्ष की उम्र के प्रतिभागी ने भी हिस्सा लिया था।

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धीरज शर्मा
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