
CSPDCL news, विद्युत मेंटेनेंस वर्क (Photo source- istock)
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में प्री-मानसून की दस्तक हो चुकी है, लेकिन बिजली विभाग अब तक मेंटेनेंस का काम पूरा नहीं कर सका है। शहर में महज 50 प्रतिशत ही मेंटेनेंस (Electric Maintainence) का कार्य हुआ है। ऐसे में बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सुशासन तिहार के दौरान मेंटेनेंस कार्य रोक दिया गया था, इस कारण हमलोग निर्धारित समय में काम पूरा नहीं कर सके। इधर भीषण गर्मी के कारण जिले की बिजली व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। दिन से लेकर रात तक कई बार बिजली गुल हो रही है।
विद्युत विभाग (CSPDCL Department) का कहना है कि कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक लोड झेल रहे हैं। इससे तार टूटने और ट्रांसफार्मर फेल होने की घटनाएं बढ़ी हैं। उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती और तकनीकी गड़बडिय़ों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच कलेक्टर अजीत वसंत ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक लेकर बारिश के मौसम में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रांसफार्मरों के रखरखाव, शिकायतों के निराकरण और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने कहा कि आम लोगों को बिजली संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए शिकायत मिलते ही समय से कार्रवाई करें। जिन क्षेत्रों में बार-बार विद्युत व्यवधान की शिकायतें आती हैं, वहां मैदानी अमले को विशेष रूप से सतर्क रखें। उन्होंने अधिकारियों को उपभोक्ताओं के फोन रिसीव कर त्वरित समाधान करने के भी निर्देश दिए हैं।
बैठक में अधिक बिजली बिल (Electric bill) संबंधी शिकायतों, सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना, नए विद्युत कनेक्शन, ट्रांसफार्मर स्थापना और लाइन विस्तार कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
विद्युत विभाग के शहरी कार्यपालन अभियंता जीपी राजवाड़े (CSPDCL EE) ने बताया कि जिन ट्रांसफार्मरों की क्षमता 60 से 70 एम्पियर है, वहां लोड 97 से 98 एम्पियर तक पहुंच रहा है। गर्मी में एसी और इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते उपयोग से बिजली खपत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
ईई ने बताया कि गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है, जबकि बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली और पेड़ों के गिरने से तार एवं अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आती है। विभाग मरम्मत कार्य पर फोकस कर रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्र में अब तक केवल 50 प्रतिशत मेंटेनेंस कार्य ही पूरा हो पाया है। मानसून नजदीक होने के कारण समय पर शेष कार्य पूरा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
Published on:
11 Jun 2026 07:38 pm
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