
Ambikapur news, शुभम कश्यप जिसकी मिली थी लाश (Photo- Patrika)
अंबिकापुर. शहर के महामाया पहाड़ पर 2 दिन पूर्व एक सड़ी-गली लाश (Dead body found in Mahamaya pahad) मिली थी। धड़ फांसी के फंदे पर लटक रहा था, जबकि शरीर गलकर जमीन पर गिर चुका था। शुरुआत में किसी लडक़ी का शव होने का अफवाह उड़ा था, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरु की तो शव युवक का होने की पुष्टि हुई। कंधे पर बने टैटू और कपड़े के आधार पर पुलिस ने शव की शिनाख्त शहर के मायापुर निवासी शुभम कश्यप के रूप में की। वह 11 जुलाई से घर से लापता था। बताया जा रहा है कि वह नशे का आदी था। गायब होने के बाद उसकी मां के पास 1 लाख रुपए फिरौती का एक मैसेज भी आया था, जिसे साइबर फ्रॉड द्वारा भेजा गया था।
बता दें कि 25 जुलाई की दोपहर वन कर्मचारियों ने शहर के महामाया पहाड़ पर फांसी के फंदे पर झूलती (Hanging dead body) अज्ञात व्यक्ति की सड़ी-गली लाश देखी थी। सूचना पर कोतवाली पुलिस व फॉरेंसिक की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शव का आधा हिस्सा बारिश में गल कर नीचे गिर गया था। जबकि धड़ फंदे पर झूल रहा था। वहीं मौके पर चप्पल, कपड़े व कुछ दवाइयां मिली थीं। इन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया था तथा शव की शिनाख्त में जुटी थी।
पुलिस ने जब गुम इंसान खंगाले तो पता चला कि कोतवाली के पीछे स्थित मायापुर निवासी एक युवक 11 जुलाई से लापता है। संदेह होने पर पुलिस ने उसके परिजन को शव (Dead body) के पास मिले कपड़े दिखाए। कपड़े व शव के कंधे पर बने टैटू के आधार पर परिजन ने उसकी पहचान शुभम कश्यप पिता स्व. मुन्ना कश्यप उम्र 37 वर्ष के रूप में की है।
परिजन का कहना है कि शुभम कश्यप 11 जुलाई से लापता था। 13 जुलाई को कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस बेपरवाह रही। वहीं अज्ञात शव मिलने के बावजूद पुलिस तत्काल पहुचान नहीं करा पाई। शव मिलने के दूसरे दिन पहचान हो सकी।
परिजन के अनुसार शुभम नशे का आदी था। नशे के कारण 10 जुलाई को परिजन उसे कोतवाली लेकर गए थे, ताकि पुलिस का डर उसपर बन सके। इसके बाद 11 जुलाई को वह घर से निकल गया था। उन्होंने उसकी काफी तलाश की थी, लेकिन वह नहीं मिल पाया, इसके बाद उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
इधर शुभम की मां का कहना है कि 3 दिन पूर्व मेरे मोबाइल पर आए मैसेज में लिखा था कि शुभम एक युवती के पास है, अगर उसे वापस लाना है तो 1 लाख रुपए की व्यवस्था करनी होगी। परिजन ने इसकी भी सूचना पुलिस को दी थी।
1 लाख रुपए फिरौती वाली बात पर कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा (Kotwali Ambikapur) ने कहा कि अक्सर गुम इंसान कायम के बाद फ्रॉड परिजन का नंबर ऑनलाइन निकाल लेते हैं और परिजन को कॉल करते हैं। इस तरह के पूर्व में भी मामले आ चुके हैं। इसकी साइबर सेल से जांच कराई गई थी। फर्जी पाया गया था।
Updated on:
27 Jul 2026 07:53 pm
Published on:
27 Jul 2026 07:52 pm
