30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

केंद्र सरकार की चेतावनी, बेहद तेजी से चरम पर पहुंच जाएगी कोरोना की अगली लहर अगर..

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने शुक्रवार को कहा कि अगर लोग दिसंबर और जनवरी में जो कर रहे थे, वह फिर से करने लगे, तो स्थिति फिर से खराब हो जाएगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Amit Kumar Bajpai

•

Updated: 5 Jun 2021, 12:29 AM IST

Next wave of Coronavirus will reach at its peak very fast if... Centre Govt warns

Next wave of Coronavirus will reach at its peak very fast if... Centre Govt warns

नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमनी शुरू हो गई है और हर राज्य में रोजाना सामने आने वाले नए मामलों और मौतों की संख्या में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इस बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ है क्योंकि वायरस ने अपना दिमाग बदल दिया है।

Must Read: अब घर बैठे 15 मिनट में करें कोरोना टेस्टिंग, 250 रुपये में CoviSelf किट लॉन्च

यह बात देश में कोरोना अपडेट को लेकर शुक्रवार को आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संवाददाता सम्मेलन के दौरान सामने आई। इस दौरान नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा, "अगर हम फिर से वही करना शुरू करते हैं जो हम दिसंबर, जनवरी में एक समाज के रूप में कर रहे थे, तो स्थिति फिर से मुश्किल दौर में जा सकती है।"

उन्होंने कहा, "हम जो अधिक करते हैं वह लहर होगी, लेकिन अगर हम धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं और सख्ती से चलना जारी रखते हैं, तो लहर छोटी होगी। या फिर शायद कोई लहर नहीं होगी।"

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जब दूसरी लहर का उच्चतम शिखर बताया गया था यानी 7 मई से दैनिक मामलों में 68 फीसदी की गिरावट आई है। देश के लगभग 377 जिले पांच प्रतिशत से कम सकारात्मकता दर की रिपोर्ट कर रहे हैं और केवल 257 जिले 100 से अधिक दैनिक कोविड-19 मामलों की रिपोर्ट कर रहे हैं।

Must Read: अगर कोरोना वायरस ने बदला स्वरूप तो बच्चों के लिए बन सकता है बड़ी परेशानीः डॉ. पॉल

डॉ पॉल ने कहा, "यह अपने आप से नहीं हो रहा है। कोई भीड़ नहीं है.. यही वह एक कीमत है जो हम चुकाते हैं। लेकिन हमने वायरस को इधर से उधर जाना मुश्किल बना दिया है। लेकिन हमें यह याद रखना होगा कि जब चरम शिखर में गिरावट आ रही है, अगर हम वही करना शुरू कर देते हैं जो हम जनवरी में कर रहे थे, यह फिर से वापस आ जाएगा। यह गणितीय रूप से मान्य है और सामान्य ज्ञान से भी मान्य है।"

डॉ पॉल ने आगे कहा, "अगर हम अचानक जनवरी, फरवरी की स्थिति में वापस जाते हैं, तो अगली लहर तेज होगी और तेजी से अपने चरम पर पहुंच जाएगी। लेकिन अगर हम कोविड के उचित व्यवहार को बनाए रखते हैं, तो लहर छोटी होगी और हो सकता है कि आए ही नहीं। हमें वक्त चाहिए होगा यह सुनिश्चित करने के लिए कि हम इससे पहले ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण हासिल कर लें।"

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में जिस तरह से दूसरी लहर आई थी, महामारी की तीसरी लहर का आना भी बहुत संभव है। लेकिन इसके समय और प्रभाव का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि यह प्रतिबंध हटाने और वैक्सीन कवरेज के विस्तार आदि पर निर्भर करेगा। यह भी भविष्यवाणी की गई है कि तीसरी लहर बच्चों को प्रभावित कर सकती है जिसके लिए राज्य सरकारें बच्चों के लिए कोविड देखभाल सुविधाओं को बढ़ा रही हैं।

Must Read: वैज्ञानिकों का दावा, चीनी वैज्ञानिकों ने लैब में बनाया कोरोना वायरस

केंद्र ने कोविड से संक्रमित बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं और राज्यों, जिलाधिकारियों, पुलिस, पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के लिए निश्चित जिम्मेदारी तय की है।