भाजपा के लिए राम मंदिर सिर्फ एक वोट बैंक है, SC के आदेश का सबको करना चाहिए सम्मान: AAP

भाजपा के लिए राम मंदिर सिर्फ एक वोट बैंक है, SC के आदेश का सबको करना चाहिए सम्मान: AAP

Anil Kumar | Publish: Dec, 06 2018 08:30:47 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

में राम मंदिर को भाजपा के लिए 'वोट बैंक की राजनीति' बताते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को न्यायपालिका का आदर करना चाहिए और अयोध्या विवाद पर न्यायपालिका को उसका कार्य करने देना चाहिए।

नई दिल्ली। आम चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है और राजनीतिक दलों में बयानबाजी बढ़ता ही जा रहा है। प्रत्येक पार्टी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है। इसी कड़ी में राम मंदिर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए 'वोट बैंक की राजनीति' बताते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को न्यायपालिका का आदर करना चाहिए और अयोध्या विवाद पर न्यायपालिका को उसका कार्य करने देना चाहिए। आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय जो भी फैसला देता है,सभी पार्टियों को उसका स्वागत करना चाहिए। संजय सिंह ने कहा, "चाहे जो भी फैसला हो इसका कांग्रेस, भाजपा, आप, सुन्नी वक्फ बोर्ड व रामलला पार्टी द्वारा भी स्वागत किया जाना चाहिए। आप फैसले का सम्मान करेगी और दूसरों को भी ऐसा करना चाहिए।"

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धर्मनिरपेक्ष देश की सरकार का काम मंदिर या मंदिर बनवाना नहीं: सिंह

संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 1992 में इसी दिन एक हिंदुत्ववादियों की भीड़ ने अयोध्या में 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया था और इस जगह पर एक अस्थायी मंदिर बना दिया था। भाजपा इस स्थल पर भव्य मंदिर बनाने का वादा हर चुनाव में करती आई है। हालांकि धर्मनिरपेक्ष देश की सरकार का काम मंदिर या मंदिर बनवाना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यह मामला अब सर्वोच्च न्यायालय में है। सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर सुनवाई के मामले को अपनी प्राथमिकता में नहीं होने की बात कहते हुए जनवरी, 2019 के लिए टाल दिया है।

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भाजपा के लिए राम मंदिर सिर्फ वोट बैंक है: सिंह

आपको बता दें कि संजय सिंह ने कहा कि भाजपा के लिए राम मंदिर एक वोट बैंक की राजनीति है। उन्हें भगवान राम की कोई परवाह नहीं है। बीते 25 सालों से वह मंदिर निर्माण की बात कह रहे हैं, लेकिन तारीख की घोषणा नहीं कर रहे हैं कि वह कब मंदिर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सर्वोच्च न्यायालय के हर फैसले को नहीं मानती, बल्कि अपने नफा-नुकासान का हिसाब लगाकर चुनिंदा फैसलों का ही अनुसरण करती है। तीन तलाक पर अदालत के आदेश का पालन कर वे महिलाओं के अधिकारों की परवाह करने का दावा करते हैं, लेकिन सबरीमाला पर आए फैसले को स्वीकार नहीं कर रही।

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