दिल्ली में टीकों की कमी से बंद हुए 500 से ज्यादा वैक्सिनेशन सेंटर, कई राज्यों में टीकों की किल्लत

कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बीच दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में वैक्सीन की कमी, बंद हो रहे वैक्सीनेशन सेंटर

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आहट के बीच राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में वैक्सीन की कमी बड़ी चिंता का कारण बन गई है। दिल्ली ( Delhi ) के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ( Satyendra Jain ) ने कोरोना टीकाकरण ( Corona Vaccination ) को लेकर कहा कि हमारे पास वैक्सीन लगाने की क्षमता है, लेकिन हमें पर्याप्त वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। वैक्सीन की कमी के चलते दिल्ली में करीब 500 वैक्सीनेशन सेंटर बंद हो गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि हम हरियाणा सराकरी तर्ज पर नहीं चल सकते कि वैक्सीन बचा लें। हमें जो वैक्सीन मिलती है उसे तुरंत लगा रहे हैं। वहीं वैक्सीन की कमी से सिर्फ दिल्ली नहीं जूझ रही बल्कि आंद्र प्रदेश, तमिलनाडु से लेकर महाराष्ट्र तक कई राज्यों ने टीकों की कमी की बात कही है। हालांकि केंद्र सरकार ने वैक्सीन की कमी से इनकार किया है।

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दिल्ली में कोरोना वैक्सीन की कमी के चलते टीकाकरण में तेजी से गिरावट आई है। पिछले एक दिन की तुलना में 50 फीसदी कम टीकाकरण बुधवार को हुआ है। दरअसल बीते मंगलवार को 1.29 लाख खुराक दी गई थीं। जबकि बुधवार शाम 6 बजे तक केवल 64 हजार खुराक ही दी गईं।

ऐसे में गुरुवार को दिल्ली में ज्यादातर वैक्सीन सेंटर वैक्सीन की कमी के चलते बंद रहेंगे। वैक्सीन की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार कोवाक्सिन लेने वालों के लिए केवल 20 फीसदी खुराक ही इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

विभाग ने बताया कि बीते दिन कोवाक्सिन की 30530 खुराक उपलब्ध हुई हैं।

इन राज्यों में भी वैक्सीन की कमी
आंध्र प्रदेशः वैक्सीन की कमी के चलते आंध्र प्रदेश में अब केवल 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की माताओं और विदेश यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए वैक्सीनेशन को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है।

राज्य अधिकारियों की मानें तो केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को जुलाई में 50 लाख डोज देने का वादा किया था। कोविन पोर्टल के मुताबिक जुलाई में ही 30 लाख लोगों को दूसरा डोज लगना है, लेकिन सिर्फ 6 लाख लोगों को ही वैक्सीन लगाई जा सकी है।

तमिलनाडुः प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुब्रमण्यन के मुताबिक प्रदेश को करीब 11.5 करोड़ डोज की जरूरत है, लेकिन उन्हें सिर्फ 1.67 करोड़ डोज ही मिले हैं। कमी के चलते वैक्सीन सेंटर बंद हो रहे हैं।

महाराष्ट्रः महाराष्ट्र लगातार वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। प्रदेश सरकार के मुताबिक 1 दिन में 15 लाख डोज लगाने की क्षमता है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- पिछले सप्ताह 70 लाख खुराक आ गई थी, लेकिन वो मात्र 3 दिनों में खत्म हो गई। महाराष्ट्र सरकार केंद्र से हर महीने तीन करोड़ वैक्सीन की मांग की है।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल, केरल समेत कुछ अन्य राज्यों ने भी वैक्सीन की कमी की बात कही है।

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केंद्र सरकार ने खारिज किए कमी के दावे
एक तरफ राज्य सरकारों ने अपने यहां वैक्सीन की कमी का दावा किया है तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि राज्यों में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।

मंडाविया ने सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए कहा कि टीकों की उपलब्धता को 'तथ्यों के वास्तविक विश्लेषण' द्वारा बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने ट्वीट किया, 'टीके की उपलब्धता के संदर्भ में मुझे विभिन्न राज्य सरकारों और नेताओं के बयान एवं पत्रों से जानकारी मिली है। तथ्यों के वास्तविक विश्लेषण से इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। निरर्थक बयान सिर्फ लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए किए जा रहे हैं।'

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धीरज शर्मा
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