Farmer Protest: किसान आंदोलन से यातायात प्रभावित, रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें...देखें लिस्ट

  • कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन से रेल यातायात प्रभावित
  • भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं और कइयों को स्थगित कर दिया

 

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ सरकार और किसानों के बीच गतिरोध जारी है। प्रदर्शन के 19वें दिन यानी सोमवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कृषि कानून और केंद्र सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ भूख हड़ताल की। कृषि कानूनों पर सरकार के रवैये से नाराज किसानों ने दिल्ली का घेराव कर राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले कई मार्गों को बंद किया हुआ है। जिसकी वजह से सड़क व रेल यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। यही वजह है कि भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं और कइयों को स्थगित कर दिया है।

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रेलवे की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के प्रदर्शन की वजह से पश्चिम रेलवे (Western Railways) की कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। जबकि कई ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट और तदनुसार शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया है।


इन 4 ट्रेनों को किया गया कैंसिल
1- Ajmer-Amritsar Express (09613) स्पेशल ट्रेन 14 दिसंबर को रद्द
2- Amritsar-Ajmer Express (09612) स्पेशल ट्रेन 15 दिसंबर को रद्द
3- Dibrugarh-Amritsar Express (05211) स्पेशल ट्रेन 14 दिसंबर को रद्द
4- Amritsar-Dibrugarh Express (05212) स्पेशल ट्रेन 16 दिसंबर को रद्द

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कुछ ट्रेनें रद्द, कुछ डायवर्ट

— Train number 02925 Bandra Terminus-Amritsar स्पेशल ट्रेन 14 दिसंबर को चंडीगढ़ में शॉर्ट टर्मिनेट हो जाएगी
— Amritsar-Bandra Terminus Express (09026) Special Train 16 दिसंबर को चंडीगढ़ से ही शुरू होगी
—Train number 02715 Nanded-Amritsar Express train 14 दिसंबर को नई दिल्ली में शॉर्ट टर्मिनेट होगी
— 16 दिसंबर को Amritsar-Nanded Express (02716) नई दिल्ली से ही शुरू होगी

आपको बता दें कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसानों ने सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की मांग की है, केंद्र ने इससे साफ इनकार कर दिया है। किसान और सरकार के बीच हो चुकी कई दौर की वार्ता के बाद केंद्र सरकार केवल कानूनों के संशोधन करने को सहमत हुई। लेकिन किसान कानूनों की वापसी से कम पर तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

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Mohit sharma
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