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उत्तर कोरिया को आर्थिक मदद देने के लिए अमरीका ने यह शर्त रखी

अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया अपने परमाणु शस्त्रागार को छोड़ने को तैयार हो तो अमरीका उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूूत करेगा।

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kim jong

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नई दिल्ली । अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने शनिवार को कहा कि अगर उत्तर कोरिया अपने परमाणु शस्त्रागार को छोड़ने को तैयार हो तो अमरीका उसकी लघु अर्थव्यवस्था को मजबूूती देने में मदद करेगा। विदेश मंत्री ने कहा, अगर उत्तर कोरिया निरस्त्रीकरण के लिए तत्काल कदम उठाए तो अमेरिका उत्तर कोरिया को समृद्ध बनाने में उसकी हरसंभव सहायता करने को तैयार है। उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच 12 जून को होने वाली बैठक की तैयारियों पर कही। उन्होंने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री कांग क्युंग वाह से चर्चा दौरान यह बाते कहीं।

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बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण को रोकने की घोषणा

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन पहले ही परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण को रोकने की घोषणा कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण को रोक दिया है। इसके साथ किम जोंग उन ने निर्णय लिया है कि सभी परमाणु साइटों को बंद कर दिया जाएगा।

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देशहित में लिया फैसला:किम

रिपोर्ट के अनुसार किम जोंग उन ने यह फैसला उत्तर कोरिया के हित में लिया है। किम का मानना है कि परमाणु परीक्षण से ज्यादा देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मुद्दे पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। किम ने कहा कि वह इन परमाणु परीक्षण को वह जल्द बंद कर देगा। हाल ही में दक्षिण कोरिया गए किम ने यहां पर भी नरम रुख अपनाया और हर मुद्दे पर चर्चा की है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था बिल्कुल ठप होती जा रही है। यहां पर युवाओं के पास नौकरियां नहीं हैं। यहां तक की लोगों के पास बिजली भी नहीं है। उत्तर कोरिया में लगातार तानाशाही के कारण विकास की गति काफी धीमी है। सरकार ने लोगों को इंटरनेट की सुविधा से भी महरूम रखा हुआ है। लोगों को सिर्फ सरकारी चैनलों को देखने की अनुमति है।