बगदादी अपने ही लड़ाकों के बीच फंसा, हमले के बाद नजदीक के रेगिस्तान में भागा

बगदादी अपने ही लड़ाकों के बीच फंसा, हमले के बाद नजदीक के रेगिस्तान में भागा

हमले में उसके दो बेहद भरोसेमंद आदमी मारे गए लेकिन वह बच गया

लंदन। इराक और सीरिया में दहशत मचाने वाले इस्लामिक स्टेट के सरगना अबु बकर अल-बगदादी का अंत समय आ चुका है। अब वह अपने साथियों के साथ सुरक्षित नहीं रहा। हाल ही में मीडिया में आई खबरों के अनुसार बगदादी बीते माह अपने ही गुर्गों के हमले में बाल-बाल बच गया। हमले में उसके दो बेहद भरोसेमंद आदमी मारे गए लेकिन वह बच गया। रिपोर्ट के अनुसार बगदादी पर यह हमला दस जनवरी को पूर्वी सीरिया में हाजिन के नजदीक एक गांव में हुआ था। इसके बाद वह अपने अंगरक्षकों के साथ नजदीक के रेगिस्तान में भाग गया। अब आईएस ने अपने वरिष्ठ सदस्य अबु मुआत अल-जजैरी को मारने वाले को इनाम देने की घोषणा की है।

320 लड़ाकों को मारने का आदेश

रिपोर्ट के मुताबिक, इराक और सीरिया में आईएस बुरी तरह से हार से बौखला गया है। वह इसके लिए अपने लड़ाकों को दोषी ठहरा रहा है। पता चला है कि उसने अपने 320 लड़ाकों को मारने का आदेश दिया था। इससे इस्लामिक स्टेट में फूट पड़ गई। इसके कुछ दिनों बाद बगदादी पर हमला हुआ। आईएस ने जिन आतंकियों को मारने का आदेश दिया था सभी कमांडर की श्रेणी में थे।

अब सिर्फ 500 लड़ाके ही बचे

गौरतलब है कि 2014 के मध्य के बाद से बगदादी को सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया। एक समय सीरिया और इराक के अधिकांश हिस्सों पर आईएस का कब्जा था लेकिन अब यह खूंखार आतंकी संगठन सीरिया में यूफरेट नदी के नजदीक एक छोटे से इलाके तक रह गया है। 2015 में के लड़ाकों की संख्या 70 हजार से भी ज्यादा थी लेकिन आज इसके सिर्फ 500 लड़ाके बचे हैं।

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