कल्पना और सुनीता के बाद भारतीय मूल की तीसरी महिला सिरिषा बांडाला अंतरिक्ष में जाने को तैयार

34 वर्षीय सिरिषा बांडाला अंतरिक्ष में जाने वाली तीसरी भारतीय मूल महिला होंगी। एरोनाटकल इंजीनियर वर्जिन गैलेक्टिक टेस्ट फ्लाइट से रवाना होंगी।

ह्यूस्टन। भारतीय मूल की एरोनॉटिकल इंजीनियर (Aeronautical Engineer) सिरिषा बांडाला (Sirisha Bandala) अंतरिक्ष में रवाना होने वाली हैं। वह अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला होंगी। वे रविवार को वर्जिन गैलेक्टिक टेस्ट फ्लाइट (Virgin Galactic Test Flight) से जाने वाली हैं।

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आंध्र प्रदेश में जन्मी

सिरिषा का जन्म भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के गुंटुर जिले में हुआ है। वह 34 वर्ष की हैं। उनका बचपन अमरीका के ह्यूस्टन,टेक्सास में बीता। वे वर्जिन गैलक्टिक कंपनी के अरबपति संस्थापक सर रिचर्ड ब्रानसन और पांच अन्य सहयोगियों के साथ न्यू मैक्सिको में वर्जिन गैलेक्टिक स्पेसशिप से रवाना होंगी।

अंतरिक्ष यात्री नंबर 004 होंगा

सिरिषा के अनुसार वह बेहतरीन क्रू 22 का हिस्सा होकर सम्मानित महसूस कर रही हैं, इसका मिशन अंतरिक्ष सबके लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। बांडाला का अंतरिक्ष यात्री नंबर 004 होंगा। फ्लाइट में उनकी भूमिका अनुसंधान कार्यों के उपाध्यक्ष की होगी। कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद वह स्पेस में जाने वाली तीसरी भारतीय महिला होंगी।

इससे पहले छह जुलाई को वर्जिन गैलेक्टिक के ट्विटर हैंडल (Twitter handle) पर एक वीडियो पोस्ट में सिरिषा ने कहा था कि जब उन्होंने पहली बार सुना है कि उन्हें यह मौका मिलने वाला है तो वह नि:शब्द हो गईं। भौगोलिक और अलग समुदायों के लोगों के साथ अंतरिक्ष में जाना वाकई शानदार है।

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यह से पढ़ाई की है

उन्होंने पर्डयू यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने जनवरी 2021 में अनुसंधान कार्यों के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य शुरू किया था। शुरू से उनके मन में अंतरिक्ष यात्री बनने की चाहत थी।

 

Mohit Saxena
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