Xiaomi market in india: भारत में चाइनीज कंपनी Xiaomi ने सैमसंग सहित सभी कंपनी को पीछे छोड़ दिया है और बजट रेंज के अलावा फ्लैगशिप स्मार्टफोन में भी श्याओमी रिकॉर्ड बना रहा है
नई दिल्ली। Xiaomi ने भारत में स्मार्टफोन बेचने के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। मार्केट रिसर्च करने वाली संस्था कांउटरपॉइंट (Counterpoint) ने बुधवार को 2021 की दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी किए जिसमे Xiaomi का मार्केट (Xiaomi Market In India) 28.4 फ़ीसदी रहा। Xiaomi भारत में नंबर 1 के स्थान पर पहले से बना हुआ है। यह चाइनीज स्मार्टफोन ब्रांड अब अन्य सभी कंपनियों को पीछे छोड़ रहा है।
भारत में चाइनीज स्मार्टफोन के लोकप्रिय होने का कारण है कम कीमत में बढ़िया प्रोडक्ट उपलब्ध कराना। हालांकि पिछले साल चीन के खिलाफ विरोध के बीच चीनी कंपनियों को भी नुकसान झेलना पड़ा था। चीनी कंपनियों की बिक्री में गिरावट देखी गई थी लेकिन लोग धीरे-धीरे फिर से चीनी प्रोडक्टस खरीद रहे हैं क्योंकि ये ग्राहकों को फायदा पहुंचा रहे हैं। खासतौर पर स्मार्टफोन्स में बढ़िया प्रोसेसर, कैमरा और स्टोरेज समेत सब कुछ उपलब्ध है।
COUNTERPOINT के आंकड़े
बुधवार को आए कांउटरपोइंट के नतीजे हैरान करने वाले थे। XIAOMI बजट स्मार्टफोन में अपनी जगह बना के रखती थी लेकिन अब फ्लैगशिप स्मार्टफोन में भी xiaomi अपना दम दिखा रही है। xiaomi द्वारा 28.4 फ़ीसदी शिपमेंट इस तिमाही में किया गया। हालांकि इसमें xiaomi के sub ब्रांड POCO की सेल भी शामिल है। Xiaomi द्वारा बिकने वाले इन स्मार्टफोन्स में सबसे अधिक Redmi 9a, Redmi 9 power, Redmi note 10 और Redmi 9 बेचे गए।
Samsung की बिक्री
Samsung मात्र एक कंपनी है जो चाइनीज कंपनियों को टक्कर दे रही है। स्मार्टफोन बेचने के मामले में सैमसंग ने 17.7 फ़ीसदी के साथ दूसरे स्थान पर जगह बनाई है। इसके बाद OPPO, VIVO, Real Me जैसी चाइनीज कंपनियों ने बाजी मारी है। Xiaomi ने प्रीमियम स्मार्टफोन्स में भी टक्कर देते हुए अपने नए स्मार्टफोन mi 11 ultra की भी ब्रिकी करी है, जो इस रेंज में 7% हिस्सेदारी में बिका।
इन कंपनियों के विरोध के बाद कई तरह की तरकीब इन्होंने निकाली है, जिससे यह भारतीय बाजार में बनी रहें। Xiaomi के भारत में सीईओ मनु कुमार जैन ने भारत की कंपनी बताते हुए कहा कि Xiaomi के सारे प्रोडक्ट भारत में बनाए जाते है जिससे हजारों लोगो को रोजगार मिलता है इसलिए Xiaomi को विदेशी कंपनी नहीं कहा जा सकता।