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सचिव ने परिजन के नाम सस्ती और क्रिकेट एसोसिएशन के लिए महंगे दामों में खरीदबाई जमीन

locationमोरेनाPublished: Jan 16, 2024 08:43:32 pm

Submitted by:

Ashok Sharma

- स्टेडियम की जमीन खरीदी में बड़े स्तर पर हुआ घोटाला, एक आइएएस अफसर के शामिल होने की खबर
- पूर्व खिलाड़ी का दावा: भू - स्वामियों से मिलकर सचिव ने अपने लाभ के लिए महंगी बिकवाई जमीन, ईओडब्ल्यू और ई डी को भेजी शिकायत
- सीडीसीए के अध्यक्ष केन्द्रीय मंत्री फिर भी दबाया जा रहा है भ्रष्टाचार

सचिव ने परिजन के नाम सस्ती और क्रिकेट एसोसिएशन के लिए महंगे दामों में खरीदबाई जमीन
सचिव ने परिजन के नाम सस्ती और क्रिकेट एसोसिएशन के लिए महंगे दामों में खरीदबाई जमीन
मुरैना. चंबल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (सीडीसीए) द्वारा करुआ गांव में बनाए गए स्टेडियम की जमीन में हुए घोटाले का मामला सामने आया है। यहां स्टेडियम के लिए करीब 14 बीघा जमीन 45 लाख बीघा के हिसाब से खरीदी है। वह छह करोड़ से अधिक की होती है। जबकि सीडीसीए के सचिव तस्लीम खान ने स्टेडियम के सामने प्राइम लोकेशन की 6 विस्वा जमीन 17 लाख बीघा के हिसाब से करीब 4.95 लाख में अपने परिजन के नाम खरीदी है। इससे स्पष्ट होता है कि स्टेडियम की जमीन खरीदी में बड़ा घोटाला हुआ है। सीडीसीए के जिम्मेदारों ने भू स्वामियों से मिलकर जमीन के मूल्य बढ़ाकर रजिस्ट्री करवाई गई। इस घोटोले में एक आईएएस अफसर के शामिल होने की भी खबर है। सीडीसीए के वर्तमान में एक केन्द्रीय मंत्री अध्यक्ष है, उसके बाद भी भ्रष्टाचार के मामले को दबाया जा रहा है।
पूर्व क्रिकेटर सुरेश उपाध्याय ने इस मामले की शिकायत क्र्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी, ईओडब्ल्यू, ई डी कार्यालय को भेजी है। उनका दावा है कि सीडीसीए के सचिव ने भू स्वामियों से मिलकर लाखों रुपए की जमीन करोड़ों में बिकवा दी। जबकि जिस समय स्टेडियम के लिए जमीन खरीदी थी, उस समय करीब 15 लाख रुपए बीघा का भाव था। वर्तमान में करीब 30 रुपए का भाव बताया गया है। इस लिहाज से जमीन खरीदी में बड़ा घोटाला किया गया है। यहां बता दें कि 7 दिसंबर 2017 को चंबल डिवीजन क्र्रिकेट एसोसिएशन ने करुआ गांव में सर्वे क्रमांक 766, 765, 762, 763, 769-1, 767, 768, 789-2, 764, 765 पर स्थित जमीन खरीदी गई थी। शिकायत यह भी है कि सचिव स्वयं तो आजीवन सदस्य हैं, अपने दोनों बेटों को भी आजीवन सदस्य बना लिया है। एसोसिएशन के बायलॉज के अनुसार किसी खिलाड़ी को आजीवन सदस्य नहीं बना सकते जबकि सचिव के बेटा क्रिकेट खेल रहा था, उसके बाद भी उसे आजीवन सदस्य बनाया गया। पूर्व क्रिकेटर उपाध्याय ने उक्त मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू, ई डी कार्यालये भेजी है।
कथन
- हमने अपने लिए तो एक प्लॉट लिया था लेकिन स्टेडियम की 14 बीघा से अधिक जमीन खरीदी, उसके लिए टेंडर आमंत्रित किए थे, उसके हिसाब से जमीन की रेट तय हुई थी। रही बात बाहरी खिलाडिय़ों की, जो लोग शिकायत कर रहे हैं, उनके ही क्लब में खिलाड़ी बाहर के हैं।
तस्लीम खान, सचिव, सीडीसीए
स्थानीय को नहीं, बाहरी खिलाडिय़ों को मौका
सीडीसीए में मुरैना, श्योपुर, भिंड के बजाय बाहरी खिलाडिय़ों को खिलाया जा रहा है। इस एसोसिएशन का गठन सिर्फ चंबल संभाग के खिलाडिय़ों को प्र्रशिक्षत करने के लिए किया गया था लेकिन इसमें गुना, ग्वालियर सहित अन्य जिलों के खिलाडिय़ों को खिलाया जा रहा है।

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