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जब घर से आया फोन, पत्नी ने कहा- मतदान छोड़ो, पहले धनिया टमाटर लेकर आओ

मतदान के मजेदार किस्से, रिटायर्ड तहसीलदार के पास आया पत्नी का फोन  

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रिटायर्ड तहसीलदार के पास आया पत्नी का फोन

भोपाल. मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों का दौर चल रहा है। नगरीय निकायों के चुनाव के पहले चरण में बुधवार को सुबह वोटिंग शुरु हुई जोकि अभी भी चल रही है। शहर की सरकार के चुनाव के लिए लोगों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। यही कारण है कि मतदान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग घर से निकले हैं। हर जगह मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतार लगी दिखाई दे रही है। कई मतदाता तो मतदान केंद्रों पर जाकर परेशान भी हो रहे हैं। मतदान केंद्रों पर जाकर देखने पर मतदाता सूची में उनका नाम ही नहीं मिल रहा है। ऐसे ही एक मतदाता के साथ मजेदार वाकया हो गया।

एक रिटायर्ड तहसीलदार अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बेहद उत्साहित थे और इसके लिए सुबह से मतदान केंद्र पर जा पहुंचे थे। मतदान केंद्र पर पहुंचते ही उनका उत्साह काफूर हो गया. उन्हें पता चला कि मतदाता सूची में उनका नाम ही नहीं है। वे इसके लिए परेशान हो ही रहे थे कि अचानक उनका मोबाइल घनघना उठा। फोन घर से आया था, जैसे ही उन्होंने रिसीव किया तो वहां से बीवी बोल उठीं— मतदान छोड़ो, पहले घर के लिए सब्जी लेकर आओ। बेचारे रिटायर्ड तहसीलदार मनमसोसकर रह गए।

यह मजेदार घटना ग्वालियर के मुरार के एक मतदान केंद्र पर हुई। यहां के शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल क्रमांक 1 को मतदान केंद्र बनाया गया था. पास ही रहनेवाले रिटायर्ड तहसीलदार गोपालसिंह तोमर भी यहां मतदान करने के लिए आ गए। वे वोट डालने के लिए सुबह से ही बेकरार थे पर यहां आकर उनका पूरा जोश ठंडा पड़ गया. दरअसल मतदान केंद्र की मतदाता सूची में उनका नाम ही नहीं था. वे अधिकारियों से बोल—बोलकर थक गए कि वे मतदान करने हमेशा यहीं आते हैं पर निर्वाचन टीम ने उनकी एक नहीं सुनी।

रिटायर्ड तहसीलदार तोमर अपने मतदान केंद्र की तलाश करने में ही जुटे हुए थे एकाएक उनका मोबाइल बज उठा. ये फोन उनके घर से आया था। वहां से पत्नी से सपाट स्वर में पूछा—कहां हो! रिटायर्ड तहसीलदार तोमर ने भी उन्हें तुरंत बता दिया कि मैं वोट डालने आया हूं. उन्होंने पत्नी को यह भी बताया कि मतदान केंद्र की मतदाता सूची में उनका नाम ही नहीं है. इसके बाद पत्नी ने उन्हें अपना फरमान सुना डाला— मतदान—वतदान छोड़ो. मैं आज छोलू—भटूरे बना रहीं हूं, पहले इसके लिए धनिया और टमाटर ले आआ। पत्नी का यह आदेश सुनकर वे चुपचाप रह गए. हालांकि बाद में उन्हें अपने मतदान केंद्र का पता भी चल गया।

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