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सबसे पहले महाकाल को बांधी राखी, लगाया सवा लाख लड्डुओं का भोग

महाकाल के दरबार में सबसे पहले हर त्योहार की शुरुआत होती है। भाई-बहन के पावन पर्व रक्षाबंधन के दिन अलसुबह 3 बजे भस्म आरती के दौरान बाबा को सर्वप्रथम राखी बांधी गई व बाद में सवा लाख लड्डुओं का भोग अर्पण किया गया।

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Lalit Saxena

Aug 19, 2016

The first tied rakhi to Mahakal, put Sawa lakh enj

The first tied rakhi to Mahakal, put Sawa lakh enjoyment of Ldduon

उज्जैन. नगर के राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में सबसे पहले हर त्योहार की शुरुआत होती है। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए भाई-बहन के पावन पर्व रक्षाबंधन के दिन अलसुबह 3 बजे भस्म आरती के दौरान बाबा को सर्वप्रथम राखी बांधी गई व बाद में सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पण किया गया।

इस वर्ष रक्षाबंधन पर भस्म आरती करने वाले महेश पुजारी, विजय पुजारी ने बताया कि राखी के दिन सुबह 3 बजे भस्म आरती शुरू होने के समय गर्भगृह में भगवान को फलों के रस, इत्र, पंचामृत से स्नान कराकर श्रावणी उपाकर्म के रूप में नई जनैऊ धारण कराई गई। सुगंधित चंदन, भांग, ड्रायफ्रूट्स, रुद्राक्ष की मालाएं, सोने-चांदी के मुकुट, कुंडल, त्रिपुंड आदि आभूषण पहनाकर संपूर्ण राजसी वैभव के साथ श्रृंगारित कर राखी बांधी गई। राम पुजारी के अनुसार कलाकारों द्वारा मंदिर में रजनीगंधा के फूलों की सजावट की गई है।

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