इस वर्ष रक्षाबंधन पर भस्म आरती करने वाले महेश पुजारी, विजय पुजारी ने बताया कि राखी के दिन सुबह 3 बजे भस्म आरती शुरू होने के समय गर्भगृह में भगवान को फलों के रस, इत्र, पंचामृत से स्नान कराकर श्रावणी उपाकर्म के रूप में नई जनैऊ धारण कराई गई। सुगंधित चंदन, भांग, ड्रायफ्रूट्स, रुद्राक्ष की मालाएं, सोने-चांदी के मुकुट, कुंडल, त्रिपुंड आदि आभूषण पहनाकर संपूर्ण राजसी वैभव के साथ श्रृंगारित कर राखी बांधी गई। राम पुजारी के अनुसार कलाकारों द्वारा मंदिर में रजनीगंधा के फूलों की सजावट की गई है।