script10 days left for Ramdev cattle fair, preparations intensified, fair office camp set up | VIDEO...रामदेव पशु मेला में 10 दिन बचे, तैयारियां हुई तेज, मेला कार्यालय का लगा कैंप | Patrika News

VIDEO...रामदेव पशु मेला में 10 दिन बचे, तैयारियां हुई तेज, मेला कार्यालय का लगा कैंप

locationनागौरPublished: Jan 31, 2024 09:36:11 pm

Submitted by:

Sharad Shukla

-रामदेव पशु मेला मैदान में पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष 100 दुकानें ज्यादा रहेंगी, मेला मैदान के चारदीवारी के पास बने गेटों पर ही लगेंगी चौकियां

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10 days left for Ramdev cattle fair, preparations intensified, fair office camp set up

-रामदेव पशु मेला मैदान का ज्यादातर हिस्सा हुआ व्यवस्थित, लेकिन घोड़ों एवं ऊंटों वाली जगह की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं
नागौर. रामदेव पशु मेला को अब केवल दस दिन रह गए हैं। इसको लेकर मेला की तैयारियां तेज कर दी गई है। इस बार का पशु मेला में दुकानों की संख्या गत वर्ष की अपेक्षा दोगुनी रहेगी। पिछले साल केवल 100 दुकानें ही थी, लेकिन इस बार यह संख्या 200 के पार पहुंचेगी। पशु पालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पूरे मेला परिसर को व्यवस्थित करने के साथ दो सौ दुकानों की नीलामी इस बार की जाएगी। दुकानों में पशुओं की साज-सज्जा के अलावा कपड़े आदि की दुकानें रहेंगी। बिजली आदि की व्यवस्थाएं मेला शुरू होने से पूर्व ही करा दी जाएगी। विशेष बात यह है कि इस बार छह चौकियां मेला मैदान में बनाए गए छह गेटों के रास्ते पर ही बनाई गई है। एक चौकी जरूर बीकानेर रोड पर रहेगी।
रामदेव पशु मेला इस बार बदला हुआ नजर आएगा। मेला मैदान में पशुओं की आवक के साथ ही दुकानें भी काफी संख्या में सजी-धजी नजर आएंगी। इसकेा लेकर मेला प्रशासन की ओर से काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मेला प्रशासन की ओर से रामदेव पशु मेला मैदान में ही कार्यालय भी बना दिया गया है। इस कार्यालय से ही मेला में पूरी व्यवस्था का संचालन किया जाएगा। पशु पालन विभाग के अनुसार दुकानें मेला मैदान परिसर के अंदर एवं बाहर दोनों ही ओर लगाई जाएगी। इसके लिए जगहों का निर्धारण पहले ही किया जा चुका है। परिसर में इस बार गोवंश व ऊंटों के ठहरने वाले स्थल को लगभग काफी हद तक व्यवस्थित किया जा चुका है। फिर भी जोधपुर रोड के रास्ते से आने वाले के रास्ते मैदान में कई जगहों पर असमतल जगह के साथ कुछ गड्ढे हैं। इनके निकट ही गंदगी का ढेर अभी भी मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि मेला मैदान के ज्यादातर हिस्से को व्यवस्थित किया जा चुका है। इसको भी जल्द ही व्यवस्थित करा दिया जाएगा। इसकी जल्द ही सफाई करा दी जाएगी।
पांच एवं छह को होगी दुकानों की नीलामी
पशु पालन विभाग के अनुसार मेला मैदान में पांच एवं छह फरवरी को दुकानों की नीलामी प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों की ड्यूटी मैदान को व्यवस्थित कराने के साथ ही इन दुकानों की जगह को व्यवस्थित कराने के लिए लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल तो मेला मैदान में केवल सौ दुकानें ही थी, लेकिन इस बार दुकानों की संख्या इससे दोगुनी होने की वजह से उनको अभी भी व्यवस्थित कराने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही और दुकानों के लिए यहां संभावित जगहों की तलाश कर आवश्यकतानुसार वहां पर भी दुकानें लगाई जाएगी।
गत वर्ष से एक लाख रुपए ज्यादा का आया बजट
पशु पालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले साल मेला का बजट लगभग आठ लाख रुपए था। इस बार का बजट गत वर्ष की अपेक्षा एक लाख रुपए ज्यादा का आया है। इस बजट के अनुसार मेला मैदान में व्यवस्थाएं की जा रही है। हालांकि जानवरों के पानी की खेली, पशुओं की आवक व उनके ठहरने के स्थल को तो पहले ही व्यवस्थित करा दिया गया था। अब इस बजट में पानी, बिजली एवं टेंट आदि की व्यवस्थाएं की जाएंगी।
इस पर हुई चर्चा
रामदेव पशु मेला को लेकर एडीएम, पशु पालन, जिला उद्योग एवं नगरपरिषद के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें जिला उद्योग को भी अपनी स्टॉलें आदि लगाए जाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। कहा गया कि योजनाओं की जानकारी के साथ ही हस्त निर्मित एवं कसीदाकारी से जुड़े उत्पादों की दुकानों को यहां पर लगाया जा सकता है। इसके लिए जिला उद्योग की ओर से बेहतर प्रयास होने चाहिए। इसका परिणाम भी मिलना चाहिए। बैठक में भी इस पर भी चर्चा हुई है कि लोहे से निर्मित संयत्रों के लिए भी नागौर काफी ख्यात रहा है। इसलिए इन उत्पादों की दुकानें भी सजेगी तो मेला और बेहतर नजर आने के साथ ही स्थानीय लोगों को फायदा होने के साथ ही जुड़ाव भी होगा।
इनका कहना है...
रामदेव पशु मेला की तैयारियां तेज कर दी गई है। इस बार मेला में पिछले साल की अपेक्षा सौ दुकानें ज्यादा रहेंगी। इसके साथ ही अन्य दुकानों की भी संभावनाएं इसमें तलाशी जा रही है। आवश्यकतानुसार दुकानों की संख्या बढ़ भी सकती है।
डॉ. महेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक पशुपालन नागौर

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