Video : गोगेलाव की फैक्ट्री में खराब मिला 70 किलो मावा कराया नष्ट, चार जगह से लिए नमूने

शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत जिले में शुरू हुई कार्रवाई, पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर दिलाया था अधिकारियों का ध्यान, बीकानेर से आने वाले मावा की गुणवत्ता संदेह के घेरे में

By: shyam choudhary

Published: 26 Oct 2020, 10:25 PM IST

नागौर. राज्य सरकार के निर्देश पर सोमवार से शुरू किए गए ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ (shuddh ke lie yuddh abhiyaan) अभियान की शुरुआत मावा की दुकानों से नमूने लेकर की गई। जिला कलक्टर द्वारा गठित टीम ने तहसीलदार सुभाषचंद चौधरी के नेतृत्व में पहले दिन शहर के वाटर वाक्र्स चौराहा क्षेत्र की तीन मावा की दुकानों से नमूने लिए, वहीं दोपहर बाद गोगेलाव में संचालित एक मावा फैक्ट्री में पहुंचकर वहां रखे हुए 70 किलो खराब मावा को नष्ट करवाया तथा करीब डेढ़ सौ किलो ताजा मावा के नमूने लिए। चिकित्सा विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश जांगीड़ व सहायक प्रेमचंद भाटी ने देर रात तक कागजी कार्रवाई कर नमूने अजमेर प्रयोगशाला भिजवाए।

गौरतलब है कि जिले में मिठाइयों में उपयोग होने वाले मावा की गुणवत्ता को लेकर राजस्थान पत्रिका ने रविवार के अंक में समाचार प्रकाशित कर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था। पत्रिका ने बताया कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान की शुरुआत मावा की जांच से हो। साथ ही बीकानेर से निजी बसों में भरकर आने वाले मावा पर भी नजर रखी जाए। समाचार प्रकाशित होने के बाद बस संचालक अलर्ट हो गए। इसलिए टीम ने मावा भंडारों के यहां से नमूने लिए हैं। टीम की कार्रवाई से शहर के मावा भंडार संचालकों में हडक़म्प मच गया तथा दूषित मावा पहले ही ठिकाने लगा दिया। सोमवार की कार्रवाई में रसद विभाग निरीक्षक दिव्या विश्नोई, बाट माप विज्ञान अधिकारी सुरेश डूकिया एवं पुलिसकर्मी भी साथ रहे।

सप्लाई करने की फिराक में था फैक्ट्री संचालक
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान को लेकर गठित टीम गोगलाव गांव की ढाणी में संचालित फैक्ट्री पहुंची तो वहां करीब 70 किलो खराब मावा मिला, जिसे अधिकारियों ने हाथों-हाथ नष्ट करवा दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांगीड़ ने बताया कि फैक्ट्री संचालक इस मावा को भी सप्लाई करने की फिराक में था। वहीं फैक्ट्री के फ्रीजर में मिले मावा के नमूने लिए गए हैं। साथ ही मौके से आउटडेटेड विनेजर सिंथेटिक भी मिला है, जिसको लेकर संचालक ने बताया कि लॉकडाउन से पहले का है और लॉकडाउन में फैक्ट्री बंद होने से काम नहीं ले पाए, लेकिन फैक्ट्री संचालक के जवाब पर संदेह इसलिए है कि विनेजर सिंथेटिक की बोतल पर एक्सपायरी डेट जनवरी 2020 लिखी है, जबकि लॉकडाउन मार्च के अंतिम सप्ताह में लगा था। अधिकारियों ने बताया कि यह दूध से पनीर बनाने में काम आता है।

जारी रहेगी कार्रवाई
जिला कलक्टर के निर्देशानुसार सोमवार से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए रसद विभाग तथा खाद्य सुरक्षा निरीक्षक की टीम के साथ शहर में मावा की दुकानों से नमूने लिए। साथ ही ग्राम गोगेलाव मावा फैक्ट्री का निरीक्षण किया गया, जहां पर खराब मावा पाया गया, जिसे जिसे मौके पर ही नष्ट करवाया। मावा के नमूनों की रिपोर्ट में मिलावट या खराब पाए जाने पर मावा विक्रेता के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगामी 16 नवम्बर तक चलेगा, जिसमें खाद्य पदार्थों के मिलावट, मिठाइयों व अन्य पदार्थों में मिलावट की जांच की जाएगी। साथ ही समस्त मिठाई दुकानदारों को निर्देशित जा रहा है कि वे मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट अंकित करें।
- सुभाषचंद चौधरी, तहसीलदार, नागौर

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned