Video : जिला मुख्यालय पर आठ माह से सब रजिस्ट्रार नहीं, पंजीयन में संकट

नागौर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रतिदिन होता है औसतन 30 दस्तावेज का पंजीयन

By: shyam choudhary

Updated: 24 Jul 2018, 12:45 PM IST

नागौर. जिला मुख्यालय के उप पंजीयक कार्यालय में करीब आठ महीने से सब रजिस्ट्रार का पद रिक्त है। कलक्टर ने व्यवस्थार्थ खींवसर तहसीलदार को अतिरिक्त चार्ज दे रखा है, लेकिन नागौर से खींवसर की दूरी अधिक होने तथा तहसील कार्यालय में अधिक काम होने के कारण वे पंजीयक कार्यालय में पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के साथ आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार नागौर उप पंजीयक कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 30 दस्तावेज का पंजीयन किया जाता है। इससे सरकार को हर महीने एक करोड़ से अधिक की राजस्व आय होती है, इसके बावजूद महत्वपूर्ण अधिकारी का पद रिक्त है।
कर्मचारी भी ठाले बैठे
सब रजिस्ट्रार नहीं होने से कार्यालय का स्टाफ भी ठाला बैठा रहता है। अधिवक्ताओं ने बताया कि नागौर तहसीलदार का चार्ज मूण्डवा तहसीलदार के पास है। इसके बावजूद एसआर का चार्ज खींवसर तहसीलदार को दिया गया है, जिन्हें आने में समय लगता है, जबकि मूण्डवा तहसीलदार ज्यादातर समय नागौर में ही रहते हैं। ऐसे में यह व्यवस्था भी समझ से परे है।
जिला मुख्यालय होने के बावजूद यहां आठ महीने से स्थायी सब रजिस्ट्रार नहीं है, थोड़े-थोड़े समय से अलग-अलग अधिकारियों को चार्ज दिया जाता है। वे निर्धारित समय में भी नियमित यहां नहीं बैठते। अधिकारी आते भी हैं तो मात्र दो घंटे बैठते हैं, इस अवधि में न तो लिखा-पढ़ी का काम हो पाता है और न ही पंजीयन का। उसके बावजूद अधिकारी की मनमर्जी चलती है।
अजीत कुमार ओझा,
एडवोकेट

लगाने पड़ रहे हैं चक्कर
सोमवार को श्रीबालाजी से आए हेमंत शर्मा ने बताया कि उसे अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवानी है। चार-पांच दिन से चक्कर लगाने के बावजूद काम नहीं हुआ। उसके साथ बुजुर्ग व महिलाएं भी हैं, उन्हें भी बार-बार आने में परेशानी होती है। वीरेन्द्रसिंह ने बताया कि वह सुबह नौ बजे से कार्यालय में रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रतिलिपि लेने के लिए इंतजार कर रहा है, लेकिन एसआर नहीं होने के कारण प्रतिलिपि नहीं मिल रही है। कर्मचारी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है। मकराना क्षेत्र से पूरे परिवार के साथ आए रणजीतसिंह ने बताया कि दस्तावेज पंजीयन के लिए सुबह से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी नहीं आए और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। जनता परेशान है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

shyam choudhary Reporting
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