scriptElections are not being held in 173 agricultural markets of the state | कब बनेगी मंडी की सरकार, सात साल से अध्यक्ष का इंतजार | Patrika News

कब बनेगी मंडी की सरकार, सात साल से अध्यक्ष का इंतजार

locationनागौरPublished: Dec 26, 2023 11:04:30 am

Submitted by:

shyam choudhary

प्रदेश की करीब पौने दो सौ कृषि उपज मंडियों में नहीं हो रहे चुनाव
- मंडी समितियों के चुनाव : कई बार अपनाई प्रक्रिया, लेकिन नहीं हो पाए चुनाव

नागौर कृ​षि मंडी
नागौर कृ​षि मंडी

राज्य में 173 कृषि उपज मंडी समितियों में अध्यक्ष सहित सदस्यों के चुनाव नहीं होने से प्रशासकों से काम चलाया जा रहा है। प्रदेश की कई मंडियां ऐसी हैं, जहां पिछले सात से दस साल का समय हो गया, लेकिन चुनाव नहीं हो पाए हैं। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय मंडी समितियों का कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव कराने की प्रक्रिया अमल में लाई गई थी, जिसके तहत वार्ड वार मतदाता सूचियां भी तैयार की गई थी, लेकिन तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने चुनाव होने से पहले ही प्रक्रिया पर रोक लगा दी, जिसके कुछ समय बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया। कांग्रेस सरकार ने पांच साल तक मंडियों के चुनाव कराने में रुचि नहीं दिखाई। अब एक बार फिर भाजपा सत्ता में आई है, इसलिए नई सरकार से मंडी समितियों के चुनाव की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि राजस्थाान कृषि उपज मंडी अधिनियम-1961 के तहत हर पांच साल में मंडी समितियों के चुनाव होने चाहिए, लेकिन प्रदेश की 173 मंडियों में लम्बे समय से चुनाव नहीं हो पाए हैं। इसमें 114 मंडियां तो ऐसी हैं, जिनमें समिति का कार्यकाल पूरा हुए सात साल से अधिक समय हो चुका है। खेरली मंडी ऐसी है, जिसका कार्यकाल समाप्त हुए 11 साल हो चुके हैं। इसी प्रकार उदयपुर फल सब्जी मंडी, रानीवाड़ा मंडी, भरतपुर, नगर, बयाना, डीग, कामां, नदबई मंडी का कार्यकाल समाप्त हुए करीब 9 साल हो चुके हैं। दो साल पहले एक विधायक की ओर से विधानसभा में लगाए गए सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने कहा था कि कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, जो आज तक पूरी नहीं हो पाई है।

बदल गए वार्ड, शुरू से अपनानी होगी प्रक्रिया
मंडी सूत्रों के अनुसार नागौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में नई मंडियां बनने से न केवल मंडियों की संख्या बढ़ी है, बल्कि मंडियों के वार्ड भी बदल गए हैं। हालांकि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय वार्ड वार मतदाता सूचियां तैयार की गई थी, लेकिन अब चुनाव कराने के लिए वार्ड बदलने से दुबारा मतदाता सूचियां तैयार करनी पड़ेगी।

जल्द से जल्द चुनाव करवाएंगे
नागौर मंडी समिति का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव कराने में लिए मैं तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से दो बार मिला था। काफी कुछ प्रक्रिया भी अपनाई गई, लेकिन किसी कारणवश चुनाव नहीं हो पाए। अब प्रदेश में वापस भाजपा की सरकार बनी है, इसलिए जल्द ही सरकार को इस सम्बन्ध में अवगत करवाकर मंडी समितियों के चुनाव कराने का प्रयास करेंगे।
- जगवीर छाबा, प्रदेश महामंत्री, भाजपा

ट्रेंडिंग वीडियो